Wednesday, 18 January 2023

MUMBAI: महाराष्ट्र में रोजाना 1 करोड़ अंडों की किल्लत! आसमान पर पहुंचे दाम, तो एक्शन में आई सरकार



 Eggs Shortage in Mumbai Maharashtra: महाराष्ट्र में कुछ दिनों से अंडों की किल्लत हो गई है। इसके पीछे की वजह कोई बीमारी या अन्य कारण नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में बढ़ी ठंड को वजह माना जा रहा है। खैर, यह कमी कोई छोटी बात नहीं है, बल्कि राज्य में प्रतिदिन लगभग एक करोड़ अंडों की कमी होने का दावा किया जा रहा है। प्रतिदिन अंडों की भारी कमी होने के कारण राज्य सरकार के पशुपालन विभाग (Maharashtra Animal Husbandry Department) ने कमर कस ली है। जिसके बाद अब उपभोक्ताओं को अंडे की आपूर्ति के लिए शासन स्तर पर उपाय किए जा रहे हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र पशुपालन विभाग ने अंडा उत्पादन बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं। विभाग ने अंडे की कमी को दूर करने के लिए अंडा उत्पादन बढ़ाने के लिए योजना तैयार की है। प्रदेश में इस समय प्रतिदिन एक करोड़ अंडों की कमी हो रही है। राज्य में प्रतिदिन 2.25 करोड़ से अधिक अंडे बिकते हैं। लेकिन वर्तमान में उत्पादन कम होने से बिक्री घट गई है।
पशुपालन विभाग के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. धनंजय परकले ने इस संबंध में जानकारी दी है। उनके अनुसार, राज्य में अंडों की कमी को पूरा करने, उपभोक्ताओं तक अंडों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक योजना तैयार की गई है। इसके तहत कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु राज्यों से बड़ी मात्रा में अंडे खरीदे जा रहे हैं।
अंडा उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य पशुपालन विभाग द्वारा प्रत्येक जिले के पोल्ट्री फार्म को 1000 पिंजरा, 21 हजार रुपये की रियायती दर पर 50 व्हाईट लेघॉर्न मुर्गियां देने की योजना बनाई गई है। विभाग ने इस संबंध में राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
दरअसल राज्य में अंडों का उत्पादन कम होने से इसकी कमी हो गई है, नतीजतन अंडे के दाम काफी बढ़ गए हैं. थोक कारोबारियों द्वारा अंडे के दाम बढ़ाए जाने से किराना और फुटकर विक्रेताओं ने अंडों के दाम में इजाफा कर दिया हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई के कई हिस्सों में एक दर्जन अंडे 90 रुपये में बिक रहे थे। पिछले दो सप्ताह में एक दर्जन अंडों के दाम करीब 12 रुपये बढ़ चुके हैं। औरंगाबाद में अभी 100 अंडों की कीमत 575 रुपए (थोक भाव) है। ये भाव पिछले दो महीने से लगातार 500 रुपये के ऊपर बने हुए हैं। दरअसल ठंड के सीजन में अंडो का उत्पादन कम हो जाता है, जबकि इस दौरान देश के उत्तरी राज्यों में अंडो की मांग बढ़ जाती है. ऐसे में अंडो की कीमत में फरवरी महीने से गिरावट आने की उम्मीद है।

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