Thursday, 5 January 2023

अजित पवार के ‘बौने’ वाले बयान पर नितेश राणे का पलटवार, कहा- चर्चा को नहीं है कोई और मुद्दा


महाराष्ट्र भाजपा विधायक नितेश राणे ने राकांपा प्रमुख अजित पवार की उनपर की शारीरिक बनावट पर टिप्पणी को लेकर जमकर निशाना साधा है. नितेश ने कहा कि राकांपा नेता के पास चर्चा के लिए कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है और इसलिए वह निजी बातों में लिप्त रहते हैं. अजित पवार की टिप्पणी से नाराज नितेश ने कहा कि यह राकांपा नेता की बौद्धिक क्षमता को दर्शाता है. नितेश ने याद दिलाया कि कैसे एक बार बांध खाली होने पर पेशाब करने की उनकी टिप्पणी के लिए अजित पवार की आलोचना की गई थी.


विधायक नितेश ने एक ट्वीट में कहा कि ‘खाली बांध में पेशाब करने पर टिप्पणी करने वालों को मेरी प्राकृतिक शारीरिक बनावट के बारे में बात नहीं करनी चाहिए. यह सिर्फ उनके बौद्धिक स्तर को दर्शाता है. यह स्पष्ट है कि वे औरंगजेब की कोई आलोचना नहीं कर सकते हैं और इसलिए उनके चाचा छत्रपति शिवाजी महाराज के स्मारक के सामने कभी नहीं झुकते हैं.’


पवार ने राणे को कहा था ‘बौने’

अपनी पहले की टिप्पणियों में, पवार ने राणे को ‘बौने’ होने का उपहास उड़ाया और उनका अपमान किया. पवार ने नितेश द्वारा उठाए गए राजनीतिक सवालों पर यह कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि वह बौने द्वारा उठाए गए मुद्दों का जवाब नहीं देंगे. विवाद तब शुरू हुआ जब अजीत पवार ने शिवाजी महाराज के पुत्र संभाजी राजे को ‘स्वराज्य रक्षक’ कहा न कि ‘धर्मवीर’. राकांपा नेतृत्व पर हमला करते हुए नितेश ने कहा, ‘अपने चाचा के नक्शे कदम पर चलते हुए, भतीजे भी मानते हैं कि छत्रपति संभाजी महाराज थे ‘धर्म वीर’ नहीं.


इन नेताओं ने कभी भी हिंदवी स्वराज के संस्थापक को श्रद्धांजलि देने के लिए शिवाजी महाराज की राजधानी रायगढ़ किले का दौरा नहीं किया. पवार के नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफे की मांग वाले बयान का भाजपा विरोध कर रही है. हालांकि, पवार ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया. पवार ने कहा, ‘भाजपा ने मुझे नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं दिया है. बौने लोगों को मुझे यह नहीं बताना चाहिए. मैं उनकी ऊंचाई जानता हूं और वे कितनी दूर तक पहुंच सकते हैं. मेरे प्रवक्ता इनका जवाब देंगे.’ बता दें कि शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन की आलोचना करने में नितेश राणे सबसे आगे रहे हैं. उन्होंने विधानमंडल के हाल ही में आयोजित शीतकालीन सत्र में तीनों दलों द्वारा उन्हें घेरने के कई मुद्दों को उठाया है इसलिए विपक्षी दलों ने नितेश पर जमकर हमला बोला है.

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