Tuesday, 20 December 2022

महाराष्ट्र और कर्नाटक सीमा मुद्दे पर एकनाथ शिंदे ने कहा – ‘इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए’


नई दिल्ली: सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में कर्नाटक से लगी सीमा के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि अब इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.


मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, ‘पहली बार, केंद्रीय गृह मंत्री ने महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच अंतर-राज्यीय सीमा विवाद में मध्यस्थता की है. अब इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए. हमें सीमावर्ती निवासियों के साथ खड़ा होना चाहिए.’


इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शिंदे से टेलीफोन पर बातचीत की थी.


बोम्मई ने एक ट्वीट में लिखा, ‘महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मेरे साथ टेलीफोन पर चर्चा की, हम दोनों इस बात पर सहमत हुए कि दोनों राज्यों में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहनी चाहिए.’


महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम के लागू होने के समय से चला आ रहा है. तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार ने कर्नाटक के साथ अपनी सीमा के पुन: समायोजन की मांग की थी.


इसके बाद दोनों राज्यों की ओर से चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया. महाराष्ट्र सरकार ने मुख्य रूप से कन्नड़ भाषी 260 गांवों को स्थानांतरित करने की इच्छा व्यक्त की थी, लेकिन कर्नाटक द्वारा प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया था.


दोनों सरकारों ने बाद में मामले में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इस बीच, महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता अजित पवार ने शनिवार को मांग की कि सीमा मुद्दे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ कर्नाटक और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों की बातचीत को सार्वजनिक किया जाना चाहिए.


अजीत पवार ने कहा, ‘कर्नाटक और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बातचीत को सार्वजनिक किया जाना चाहिए. अगर राज्य सरकार सीमा मुद्दों का प्रस्ताव देती है तो हम इसका समर्थन करेंगे.’

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