Tuesday, 20 December 2022

सदन से लेकर सड़क तक हंगामा, हिरासत में MES नेता, फिर तूल पकड़ा कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा विवाद

 


मुंबई: महाराष्ट्र कर्नाटक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पांच दिन पहले महाराष्ट्र और कर्नाटक को दशकों पुराने सीमा विवाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक दोनों पक्षों शांत रहने को कहा था। दोनों राज्यों की विधानसभाओं के सीमावर्ती जिलों में विरोध जाी है। सोमवार को शीतकालीन सत्र की शुरुआत के साथ दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया। इधर कर्नाटक पुलिस ने महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमईएस) को महा मेला आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया।


एमईएस बेलगावी शहर के महाराष्ट्र राज्य में विलय के लिए लड़ रहा है। शीतकालीन सत्र के पहले दिन हर बार संगठन महा मेले का आयोजन करता है। इस बार अधिकारियों ने कार्यक्रम के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया। चेतावनी दी गई कि अगर कोई बैठक की व्यवस्था करने की कोशिश करता है, तो उन्हें हिरासत में ले लिया जाएगा।


आधा किलोमीटर तक कर्फ्यू

बेलगावी पुलिस आयुक्त डॉ एम.बी. बोरलिंगैया ने कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए तिलकवाड़ी के वैक्सीन डिपो क्षेत्र के आधे किलोमीटर के हिस्से में कर्फ्यू के आदेश जारी किए थे। पुलिस ने वैक्सीन डिपो इलाके में एमईएस के बनाए गए मंच को भी खाली करा लिया। और बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया।


महाराष्ट्र से किसी भी नेता को एंट्री नहीं

पुलिस ने शहर के संवेदनशील बिंदुओं पर 50 सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए हैं। एमईएस कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर एक ऑनलाइन अभियान शुरू किया था, जिसमें मराठी लोगों को महा मेला में शामिल होने का आह्वान किया गया था। हालांकि पुलिस विभाग ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है और जिला प्रशासन ने महाराष्ट्र के सांसद धैर्यशील माने के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। महाराष्ट्र के किसी भी राजनेता के प्रवेश को रोकने के लिए सीमा चौकियों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।


दूधगंगा पुल पर रोकी गई भीड़

महाराष्ट्र पुलिस ने महा विकास अघाड़ी (कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना-ठाकरे का गठबंधन) के 300 से अधिक कार्यकर्ताओं को कोगनोली चेकपोस्ट, निपानी के पास रोक दिया। वे कर्नाटक में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। कार्यकर्ता बेलगावी में मंत्रियों सहित महाराष्ट्र के नेताओं के प्रवेश पर रोक लगाने के कर्नाटक सरकार के कदम का विरोध कर रहे थे। उन्हें दूधगंगा पुल पर रोक दिया गया।


भूख हड़ताल पर बैठे नेता

एमईएस के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व विधायक मनोहर किनेकर, पूर्व महापौर शिवाजी सुन्थकर, आरआई पाटिल और प्रकाश मारागले को हिरासत में ले मनोहर किनेकर ने कार्रवाई को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दमन बताते हुए एपीएमसी पुलिस स्टेशन में अनिश्चितकालीन उपवास शुरू कर दिया है, जहां उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद रखा गया है। सूत्रों ने कहा कि किनेकर ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से बेलगावी के घटनाक्रम के बारे में फोन पर बात की।


2009 में येदियुरप्पा सरकार में हिंसक हुआ था मुद्दा

2009 में, बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने महामेलवा को अनुमति देने से इनकार कर दिया था, और संघर्ष हिंसक हो गया था। एनसीपी के महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा कि कर्नाटक की लोकतंत्र विरोधी नीतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिवसेना नेता विजय देवाने ने कहा कि महाराष्ट्र ने कर्नाटक में मराठी भाषी लोगों की शिकायतों को सुनने के लिए सीमा विवाद पर एक समिति नियुक्त की है। उन्होंने कहा, 'अगर कर्नाटक समिति के सदस्यों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाता है, तो वे कैसे काम करेंगे? सैनिक इस तरह के रवैये को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।' उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे में कर्नाटक सरकार के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं है।

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