Thursday, 1 December 2022

सौतेले बाप से गर्भवती हुई बेटी, रेप का आरोप लगाकर बाद में पलटी, पर कोर्ट ने फैसला नहीं पलटा


महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई की एक विशेष अदालत ने यौन अपराधों से बच्चों की रक्षा से जुड़े कानून (पोक्सो) के तहत एक सौतेले बाप को 14 साल की बेटी से साल 2019 से लगातार रेप करने के मामले में 20 साल की जेल की सजा सुनाई है. इस केस में खास बात यह है कि बेटी और उसकी मां रेप का आरोप लगाकर बाद में पलट गई थी. लेकिन सौतेले बाप के कुकर्मों से गर्भवती हुई बेटी के पेट में पल रही औलाद का डीएनए सौतेले बाप के डीएनए से मैच कर गया.


इस तरह से सौतेले बाप का अपराध सिद्ध हो गया और अदालत ने अपना फैसला नहीं बदला. लेकिन अदालत ने लड़की से यह पूछा कि आखिर क्यों वह अपने सौतेले बाप के खिलाफ लगाए गए बलात्कार के आरोपों को वापस लेना चाह रही है? पहले तो लड़की यही कहती रही कि उसने गुस्से में अपने पिता पर यह आरोप लगाया है. उसके पेट में पल रहा बच्चा दरअसल उसके प्रेमी का है. लेकिन प्रेमी ने पूछताछ में अपने ऊपर लगे इस आरोप को गलत बताया था.


DNA रिपोर्ट में हुआ साफ, सौतेला नाना ही पेट में पल रहे बच्चे का बाप

कोर्ट में लड़की ने सौतेले बाप को बचाने के लिए अपने पेट में पल रहे बच्चे का बाप प्रेमी को बता तो दिया था, लेकिन पुलिस ने भी सच को साबित करने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी. पुलिस ने वह डीएनए रिपोर्ट अदालत के सामने पेश की जिससे यह सिद्ध हो रहा था कि लड़की के गर्भ में पल रहे शिशू के भ्रूण का डीएनए और लड़की के सौतेले पिता का डीएनए एक ही है. यानी गर्भ में पल रहे शिशू का सौतेला नाना ही उसका बाप है.


‘यह करतूत अक्षम्य है, गुनाह बेहद जघन्य है’-जज ने कहा और दी 20 साल की सजा

इस सबूत के मिलने के बाद विशेष न्यायाधीश अनीस खान ने फैसले को पलटने से इनकार करते हुए यही कहा कि अपराध इतना जघन्य है कि सिर्फ इस आधार पर दोषी को माफ नहीं किया जा सकता कि शिकायत दर्ज करवाने वाली सौतेली बेटी और उसकी मां यानी मुजरिम की पत्नी शिकायत करने के बाद मुकर गई है. इस तरह अदालत ने डीएनए रिपोर्ट के आधार मानते हुए सौतेले बाप को दोषी करार किया और उसे 20 साल की जेल की सजा सुना दी.


आखिर क्यों सौतेले बाप पर आया रहम, बेटी ने ही बताया इसका कारण

अब सवाल उठता है कि आखिर ऐसे बाप को बचाने के लिए बेटी ने शिकायत वापस लेने का मन क्यों बनाया? इसका खुलासा भी बेटी के स्टेटमेंट से होता है. उसने बताया था कि जब उसकी मां साल 2019 में उत्तर प्रदेश में स्थित अपने गांव गई थी, तब अक्टूबर के महीने में उसके सौतेले बाप ने पहली बार उसका रेप किया था और फिर लगातार वो ऐसा करता रहा था. उसकी मां ने उसके सगे पिता को इसलिए छोड़ दिया था क्योंकि वह हर वक्त शराब के नशे में रहता था. घर-परिवार का खर्चा चलाना मुश्किल हो गया तो वह उसके सौतेले पिता के साथ रहने आ गई. लेकिन सौतेले पिता ने मां की गैरहाजिरी में उसके साथ जब यह व्यवहार किया तो उसने मां के आने के बाद यह सच्चाई बताई. फिर मां के कहने पर ही शिकायत दर्ज करवाई.


लेकिन समस्या यह खड़ी हुई कि अगर सौतेला बाप जेल चला जाएगा तो घर का खर्चा कैसे चल पाएगा. इसलिए मां और बेटी ने आरोप वापस लेने का मन बनाया. पर अदालत ने डीएनए रिपोर्ट के आधार पर सौतेले बाप को दोषी करार दिया और उसे 20 साल के जेल की सजा सुना दी.


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