Saturday, 26 November 2022

'मदर ऑफ डेमोक्रेसी...' संविधान दिवस के मौके पर PM मोदी का संबोधन, मुंबई हमले का भी किया जिक्र


संविधान दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को शुभकामनाएं दीं. सुप्रीम कोर्ट में आयोजित कार्यक्रम में पीएम ने कहा कि मैं स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े और संविधान निर्माण से जुड़े सभी लोगों को सादर नमन करता हूं. आप सभी को संविधान दिवस की शुभकामनाएं, इस बार संविधान दिवस खास है क्योंकि हम आजादी की 75 वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. पीएम ने आगे कहा, आज 26/11 हमले की भी बरसी है. जब देश संविधान का उत्सव मना रहा था, तब मानवता पर हमला हुआ. इसमें मारे गए सभी लोगों को मैं याद करता हूं. 


युवाओं को हो संविधान की जानकारी- पीएम

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ये जरूरी है कि युवाओं को संविधान की और संविधान जैसे बना उस प्रक्रिया की जानकारी हो. इससे उनकी रुचि बढ़ेगी. उदाहरण के लिए संविधान सभा में 15 महिला सदस्य थीं. समाज के अत्यंत पिछड़े हिस्से से आने वाली एक महिला सदस्य ने ऐसे विषय रखे जिसने संविधान निर्माण में अहम रोल निभाया.


पीएम ने आगे कहा, एक सप्ताह के बाद भारत को G-20 की अध्यक्षता भी मिलने वाली है. हम भारत की उपलब्धियों को दुनिया के सामने लेकर जाएं. यह हम सबका दायित्व है.


'अगले 25 साल महत्वपूर्ण'

पीएम मोदी ने सुप्रीम कोर्ट के इस कार्यक्रम में कहा, आज भारत की उभरती हुई शक्ति को दुनिया आशा की दृष्टि से देख रही है. यह देश अपनी सभी विविधताओं को साथ लिए सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है. इसके पीछे एक बड़ी वजह हमारा संविधान है. इसमें 'वी द पीपल' लिखा है. यही भावना हमें वैशाली गणराज्य में, वेद ऋचाओं में, महाभारत में भी दिखती है. यह देश मदर ऑफ डेमोक्रेसी के रूप में अपनी प्राचीन धारणाओं और संविधान की भावना को मजबूत कर रहा है. कमज़ोर तबके का उत्थान हो रहा है. हमारी माताएं मजबूत हो रही हैं. सामान्य लोगों के लिए कानून का अनुवाद हो रहा है. इस बार मैंने 15 अगस्त को भाषण में कर्तव्य पर जोर दिया था. इसी की बात गांधीजी करते थे. आज़ादी का अमृत काल देश के लिए कर्तव्य काल है. अगले 25 साल महत्वपूर्ण हैं.

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