Tuesday, 29 November 2022

Mumbai: 'टीचर का टॉर्चर', जरा सी बात पर 12 साल की बच्ची की रॉड से पिटाई


Mumbai: छात्र और गुरु का रिश्ता हमेशा से खास होता है। एक छात्र की जिंदगी में उसके गुरु का बेहद खास रोल होता है। गुरु अपने छात्र को अच्छे और बुरे की समझ सिखाता है, ताकि उसका छात्र कभी कहीं भी परेशान न हो, लेकिन क्या हो जब एक टीचर ही एक छात्र के लिए टॉर्चर बन जाए ? ऐसे ही मुंबई में एक टीचर का टॉर्चर कर देने वाला चेहरा सामने आया है, जिसने 12 साल की मासूम लड़की को बेरहमी से पीटा है।


घटना मुंबई के सहार पुलिस थाना क्षेत्र की है। एक 12 साल की छात्रा के माता-पिता ने उसके स्कूल टीचर के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया है। छात्रा के माता-पिता ने टीचर पर आरोप लगाया है कि, उसने उनकी बेटी को छोटी सी बात पर पर्दा लटकाने वाली रॉड से बुरी तरह से पीटा है।


क्लास में बात कर रहे थे छात्र

सहार पुलिस के मुताबिक, घटना रविवार सुबह करीब 7 बजकर 20 मिनट पर मरोल पाइपलाइन के पास गौसिया मदरसे में हुई। आरोपी टीचर की पहचान तौफीक अली के तौर पर हुई है। पुलिस ने कहा कि, टीचर तौफीक अली अपने छात्रों के साथ उस समय हिंसक हो गया जब छात्रों ने उसकी क्लास के दौरान बात करना बंद करने से इनकार कर दिया। तौफिक ने पांच-छह छात्रों को अपने हाथों से मारा और इस दौरान उसने अचानक एक लोहे की रॉड उठाकर छात्रा पर फेंक दी, जो छात्रा के कंधे पर जा लगी। जिससे उसका कंधा जख्मी हो गया।


माता-पिता ने दर्ज करवाई शिकायत

एक घंटे बाद जब छात्रा घर पहुंची तो उसने अपने साथ हुई इस घटना के बारे में माता-पिता को बताया। उसके पिता, तुरंत उसने लेकर चेक-अप के लिए एक स्थानीय क्लिनिक गए। फिर रविवार देर शाम को आरोपी टीचर के खिलाफ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाया। मामले पर सहार पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय गोविलकर ने कहा है कि, पिता के बयान के आधार पर पुलिस ने तौफीक पर भारतीय दंड संहिता के तहत एक खतरनाक हथियार से हमला करने के साथ-साथ बॉम्बे चिल्ड्रन एक्ट, 1948 की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज कर लिया है। गोविलकर ने कहा कि, मामले की जांच अभी भी चल रही है, पीड़ित बच्ची का इलाज चल रहा है और वह खतरे से बाहर है।

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