Saturday, 29 October 2022

नितिन गडकरी की कोशिश हुई फेल! एक और बड़ा प्रोजेक्ट महाराष्ट्र से उड़कर गुजरात पहुंचा


केंद्र सरकार की ओर से गुरुवार को गुजरात के वडोदरा जिले में 21,935 करोड़ रुपये की टाटा-एयरबस सैन्य परिवहन विमान निर्माण सुविधा की स्थापना की घोषणा की गई. इस घोषणा से लगभग तीन सप्ताह पहले ही केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने टाटा संस के अध्यक्ष नटराजन चंद्रशेखरन को पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने टाटा समूह के विभिन्न व्यवसायों के विस्तार के लिए नागपुर स्थित मिहान (मल्टी-मॉडल इंटरनेशनल हब एयरपोर्ट) को चुनने की अपील की थी.  


7 अक्टूबर को लिखा था लेटर


नागपुर से लोकसभा सदस्य नितिन गडकरी ने 7 अक्टूबर को एक पत्र टाटा समूह के प्रेजिडेंट को लिखा था. इसमें कहा गया था कि महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर में मिहान (नागपुर में मल्टी-मॉडल इंटरनेशनल हब एयरपोर्ट) में एक SEZ बनाया है. मिहान के पास पर्याप्त एसईजेड और गैर-एसईजेड भूमि है (जो) टाटा समूह की कई कंपनियों के लिए मिहान और नागपुर के उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे का लाभ उठाकर अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए सबसे उपयुक्त है. इतने ऑफर के बाद भी यह प्रोजेक्ट बाद में गुजरात के खाते में चला गया. 


विपक्षी दल बना रहे मुद्दा


वहीं गुजरात में अगले कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए विपक्षी पार्टियां बीजेपी के खिलाफ उतर आईं हैं. विपक्ष का कहना है कि इतने कम समय के अंतराल में दो मेगा प्रोजेक्ट का गुजरात में ही आना कुछ न कुछ खेल को दर्शाता है. बता दें कि 13 सितंबर को गुजरात के हिस्से में वेदांता-फॉक्सकॉन प्रोजेक्ट आया था और अब टाटा एय़रबस वाला प्रोजेक्ट भी इसी के हिस्से में आया है. 


महाराष्ट्र सरकार की कोशिश हुई फेल


गुरुवार को रक्षा सचिव अजय कुमार ने घोषणा की थी कि टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और एयरबस डिफेंस एंड स्पेस गुजरात के वडोदरा में भारतीय वायु सेना के लिए C-295 परिवहन विमान का निर्माण करेंगे. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8 सितंबर, 2021 को 21,935 करोड़ रुपये के निवेश वाली परियोजना को मंजूरी दी थी.


इससे पहले, 15 सितंबर को, महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने एक टेलीविजन चैनल से कहा था कि राज्य मिहान में टाटा-एयरबस परियोजना प्राप्त करने का प्रयास करेगा. उनका यह बयान वेदांत-फॉक्सकॉन की ओर से गुजरात के साथ 1,50,000 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर सुविधा स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के दो दिन बाद आया है, जिसकी महा विकास अघाड़ी गठबंधन से आलोचना हो रही है.

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