Thursday, 7 July 2022

Mumbai: गणपति विसर्जन के लिए हर वार्ड में 3-4 कृत्रिम झील

मुंबई: बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने घर में लाए गए प्लास्टर ऑफ पेरिस (POS) से बनी गणेश प्रतिमाओं ( GANESH FESTIVAL 2022) को कृत्रिम झीलों में विसर्जित करना अनिवार्य कर दिया है।  BMC का कहना है की  मुंबईवासियों को प्रदूषण कम करने के लिए प्रेरित करने के लिए ये फैसला किया जा रहा है।  बीएमसी के इस फैसले के बाद   बीएमसी कृत्रिम झीलों की संख्या बढ़ाकर 100 करने पर विचार कर रही है।  इससे किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सकेगा।सहायक आयुक्तों ने मुंबई के सभी 24 वार्डों की समीक्षा करने के लिए कहा है। साथ ही प्रत्येक वार्ड में तीन से चार कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।  इससे पहले बीएमसी ने इस साल पीओपी की मूर्तियों पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन बाद में उस नोटिस को वापस ले लिया। 


इसके बाद नगर निकाय ने 2023 में गणपति उत्सव के दौरान मुंबई में पीओपी की मूर्तियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। इसके अलावा, इस वर्ष के लिए, उन्होंने भक्तों के लिए उन मूर्तियों पर "पीओपी" लिखना अनिवार्य कर दिया है।जिससे विसर्जन के दौरान POP की मुर्तियों की पहचान की जा सके।  इसके अलावा बीएमसी ने यह भी आग्रह किया है कि घरेलू मूर्तियां दो फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए और सार्वजनिक पंडालों की मूर्तियों की ऊंचाई यथासंभव कम होनी चाहिए। इसके अलावा, शहर में गणेश पंडाल बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन अनुमति दी जाएगी।

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