Friday, 8 July 2022

Maharashtra: ‘धनुष-बाण’ शिवसेना का ही रहेगा बगावत के बाद पहली बार सामने आए ठाकरे

Mumbai: महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) इस्तीफा देने के बाद पहली बार शुक्रवार को जनता से मुखातिब हुए। उन्होंने यह साफ कर दिया है कि कोई भी ‘धनुष-बाण’ के चिन्ह को शिवसेना (Shiv Sena) से नहीं ले सकेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) गुट शिवसेना के चुनाव चिन्ह पर दावा कर सकता है। विधायकों के गुवाहाटी जाने के बाद ऐसी बातें सामने आ रही थीं कि विधायकों ने बालासाहब के नाम से नई पार्टी बनाने की भी बात कही थी।


शुक्रवार को ठाकरे ने अपनी पार्टी के नेताओं का साथ देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है जब पार्टी में इस तरह की बगावत की बात हुई है। ठाकरे ने कहा कि विधायक तो आते-जाते रहते हैं। लेकिन पार्टी अपनी जगह कायम रहती है। उसका वजूद ख़त्म नहीं होता है। उन्होंने साफ कर दिया कि धनुष-बाण (Bow and Arrow) के चिन्ह को लेकर कोई संदेह नहीं है। यह शिवसेना का है और हमेशा शिवसेना (Shiv Sena) का ही रहेगा। हालांकि इस बात का फैसला भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) करेगा। अभी तक यह मामला आयोग के पास तक नहीं पहुँच पाया है।


लोग शिवसेना का सहारा लेकर बड़े बने

विधायकों के बाद ठाणे और नवी मुंबई से पार्षदों के पक्ष बदलने की खबर सामने आई थी। दोनों क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पार्षदों ने सीएम शिंदे के लिए समर्थन जताया था। इस पर ठाकरे ने कहा कि जो पार्षद एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के साथ हैं, वे उनके साथ ही जुड़ रहे हैं और जो लोग शिवसेना का सहारा लेकर बड़े बने हैं वो भी पार्टी छोड़कर चले गए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने शिवसेना (Shiv Sena) को बड़ा बनाया है वे आज भी शिवसेना के साथ खड़े हैं।


ठाकरे ने बागी विधायकों पर निशाना साधते हुए कहा कि आप लोग उनके साथ खड़े हैं जिन्होंने ठाकरे परिवार अपमान किया है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि विधायकों के बाद अब सांसदों का भी पार्टी के मन बदलने की संभावना है। बागियों में शामिल हुए गुलाबराव पाटिल (Gulabrao Patil) ने ये दावा करते हुए कहा था कि 18 में से 12 सांसद फैसले ले सकते हैं।

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