Wednesday, 23 November 2022

महाराष्ट्र: राज्यपाल कोश्यारी को पद छोड़ना पड़ेगा? बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर


महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी एक बार फिर अपने बयान की वजह से मुश्किल में दिखाई दे रहे हैं. छत्रपति शिवाजी महाराज पर दिए गए बयान से महाराष्ट्र भर में लगभग सभी पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता उनके खिलाफ भड़क गए हैं. उन्होंने डॉ.बाबा साहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में कह दिया था कि छत्रपति शिवाजी महाराज तो पुराने आदर्श हैं, आज के आदर्श तो नितिन गडकरी हैं. मंगलवार को उनके खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में फौजदारी जनहित याचिका दायर हो गई है.


इस जनहित याचिका में राज्यपाल को पद से हटाने की मांग की गई है. साथ ही कोश्यारी से मेंटल फिटनेस सर्टिफिकेट मांगे जाने की भी अपील की गई है. दीपक जगदेव नाम के शख्स ने एडवोकेट नितिन सातपुते के जरिए यह याचिका दायर की है. इस याचिका पर जल्दी ही सुनवाई होने की संभावना है.


राज्यपाल को तुरंत पद से हटाया जाए, याचिकाकर्ता की मांग

इस जनहित याचिका में यह कहा गया है कि राज्यपाल कोश्यारी अपने विवादास्पद बयानों से देश में शांति, सुरक्षा और एकता को भंग करने के दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें तुरंत पद से हटाने के लिए महाभियोग का प्रस्ताव लाया जाए. वे कभी छत्रपति शिवाजी महाराज तो कभी महात्मा फुले तो कभी सावित्रीबाई फुले को लेकर अपमानजनक बयान देते रहे हैं. इसलिए राज्यपाल को पद से हटाया जाए. अब देखना है कि कोर्ट इस मामले में क्या फैसला देता है.


राज्यपाल को दिल्ली बुलाया गया, 24 और 25 तारीख को दिल्ली में होंगे

इस बीच राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को दिल्ली बुलाया गया है. वे 24 और 25 नवंबर को दिल्ली में होंगे. अपने दिल्ली दौरे के दौरान वे किनसे मिलेंगे, इस पर सबकी नजरें लगी होंगी. क्या केंद्र सरकार के वरिष्ठ नेताओं से उनके छत्रपति शिवाजी महाराज पर दिए गए बयान को लेकर चर्चा होगी? यह अहम सवाल है. पिछली बार राज्यपाल महोदय ने विवादास्पद बयान दिया था तो उसके बाद हंगामा होने के बाद एक रिपोर्टर ने उनसे बात करने की कोशिश की थी तो उन्होंने कहा था कि उन्हें बोलने से मना किया गया है. उनके इस बयान की भी काफी चर्चा हुई थी.


इस बार तो राज्यपाल के बयान के बाद उनके खिलाफ ना सिर्फ एनसीपी, कांग्रेस और ठाकरे गुट आक्रामक हो गया है, बल्कि बीजेपी और शिंदे गुट के नेताओं ने भी उन्हें सोच समझ कर बोलने की नसीहत दे डाली. फडणवीस से लेकर, आशिष शेलार और प्रवीण दरेकर तक ने उनके बयान से अपनी असहमति जताई है. शिंदे गुट के नेता संजय गायकवाड़ ने तो यहां तक कह दिया है कि राज्यपाल कोश्यारी के बयान कहीं बीजेपी और शिंदे गुट के बीच दरार ना ला दें.


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