Tuesday, 22 November 2022

कब होगा महाराष्ट्र सरकार का अगला मंत्रिमंडल विस्तार? एकनाथ शिंदे के विधायक ने बताई यह तारीख


मुंबई: महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार (Eknath Shinde Government) को बने हुए चार महीने से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है। बावजूद इसके अभी तक उनका अगला मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हुआ है। इस बात को लेकर एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) अक्सर विपक्ष के निशाने पर रहते थे। इस बाबत उनके एक विधायक ने अहम जानकारी दी है। एकनाथ शिंदे गुट के विधायक आशीष जैसवाल (MLA Ashish Jaiswal) की मानें तो महाराष्ट्र सरकार के आगामी शीतकालीन अधिवेशन के पहले राज्य सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया जाएगा। इस मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर शिंदे-फडणवीस सरकार काफी टेंशन में भी है। इसकी वजह यह है कि एकनाथ शिंदे गुट और बीजेपी (BJP) में कई सारे विधायक ऐसे हैं जो मंत्री पद की बांट जोह रहे हैं। ऐसे में अगर उन्हें इस विस्तार में मौका नहीं मिल पाता है तो खास तौर पर एकनाथ शिंदे गुट में विधायकों की नाराजगी खुलकर सामने आ सकती है। खैर, शिंदे सरकार के इस मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) में किस-किस विधायक को मंत्री पद दिया जाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।


विधायकों को यूं मनाएगी शिंदे सरकार

इस बात को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बखूबी जानते हैं कि हर विधायक को मंत्री बना पाना उनके लिए संभव नहीं है। ऐसे में शिंदे सरकार ने विधायकों की नाराजगी दूर करने का एक नया प्लान तैयार किया है। इस प्लान के मुताबिक जिन विधायकों को मंत्रिमंडल विस्तार में जगह नहीं मिल पाएगी। उन्हें राज्य के महामंडल और नगर निगम में पद देकर उनकी नाराजगी दूर करने का प्रयास किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो इस बात को लेकर भी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच में चर्चा हो हुई है।


विस्तार के बाद पड़ेगी फूट

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर एक तरफ जहां शिंदे-फडणवीस सरकार बैठकें और तैयारियां कर रही है। वहीं दूसरी तरफ विपक्ष में बैठी महाविकास अघाड़ी के नेता यह दावा कर रहे हैं कि इस मंत्रिमंडल विस्तार के बाद एकनाथ शिंदे गुट में बड़ी बगावत होगी और यह सरकार गिर जाएगी। इसके पीछे ठाकरे गुट का यह तर्क है कि जितने भी विधायक एकनाथ शिंदे के साथ में गए हैं। उनमें से हर कोई सरकार में मंत्री पद चाहता है जो सरकार के लिए मुमकिन नहीं है और इसी वजह यही शिंदे गुट में फूट पड़ेगी। इसका ताजा उदाहरण हमने कुछ दिनों पहले प्रहार जनशक्ति पार्टी के मुखिया बच्चू कडू के विधायक रवि राणा से विवाद के दौरान देखा था। उस समय भले ही बच्चू कडू पर रवि राणा ने आरोप यह लगाया था कि उन्होंने 50 करोड़ लेकर बीजेपी को समर्थन दिया है।


लेकिन बच्चू कडू की नाराजगी इस बात को लेकर भी थी कि उन्हें पहले मंत्रिमंडल विस्तार में मौका नहीं दिया गया। वो पिछली सरकार में राज्य मंत्री थे उन्हें इस बात की उम्मीद थी कि नई सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जाएगा हालांकि, नई सरकार में उनके सपने चूर-चूर हो गए।

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