Saturday, 19 November 2022

गठबंधन पर असर पड़ेगा, हमारे लिए हीरो हैं सावरकर

राहुल गांधी के बयान पर संजय राउत की दो टूक


मुंबई : भारत जोड़ो यात्रा पर निकले राहुल गांधी के सावरकर पर बयान ने महाराष्ट्र में कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। उन्होंने सावरकर को वीर कहे जाने पर सवाल खड़े करते हुए उन्हें ब्रिटिश एजेंट करार दिया था और कहा था कि उन्हें जेल भेजे पर अंग्रेजों को पत्र लिखकर माफी की मांग की थी। अब उनके इस बयान पर महाराष्ट्र में कांग्रेस की सहयोगी शिवसेना ने सवाल खड़े किए हैं। उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को कहा था कि हम उनके इस बयान का समर्थन नहीं करते हैं। वहीं अब पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत का कहना है कि इससे महाविकास अघाड़ी पर असर पड़ेगा। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे के नेता संजय राउत ने कहा, राहुल गांधी ने वीर सावरकर पर जो कहा है, उससे महा विकास अघाड़ी पर असर पड़ेगा।


हालांकि यह पूछे जाने पर कि क्या इससे महा विकास अघाड़ी गठबंधन टूटने की ओर बढ़ सकता है, राउत ने कहा कि ऐसा नहीं होने जा रहा है। पर गठबंधन में कड़वाहट तो जरूर बढ़ जाएगी। हमारे गठबंधन में इससे दरार पैदा हो सकती है और यह अच्छा संकेत नहीं है। संजय राउत ने यह भी सवाल उठाया कि राहुल गांधी को वीर सावरकर पर बात करने की जरूरत ही क्या है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों को अच्छे से उठाया है। वह लोगों की अंतरात्मा को जगा रहे हैं। ऐसे में उन्हें सावरकर का मुद्दा उठाने की क्या जरूरत है, उन्हें ऐसी बातों को नजरअंदाज करना चाहिए और अच्छे काम पर ध्यान देना चाहिए, जो वह कर रहे हैं।


राउत बोले, सावरकर का मुद्दा क्यों उठा रहे हैं राहुल


संजय राउत ने माना कि देश के दूसरे राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र में राहुल गांधी की यात्रा को अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है। राउत ने कहा कि उनकी यात्रा से देश में नफरत के माहौल को खत्म करने में मदद मिलेगी। संजय राउत ने राहुल गांधी के बयान से पूरी तरह असहमति जताते हुए कहा कि वीर सावरकर पर वह कई बार बोल चुके हैं। मेरा सवाल है कि उस मुद्दे को फिर वह दोहरा क्यों रहे हैं। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर हमारे लिए हीरो हैं और हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। हमारे अध्यक्ष उद्धव ठाकरे स्पष्ट कर चुके हैं कि हम सावरकर में आस्था रखते हैं।


क्यों शिवसेना और एनसीपी ने बना ली राहुल से दूरी


दरअसल राहुल गांधी के बयान पर जिस तरह से भाजपा ने हमला बोला है और शिवसेना ने असहमति जाहिर की है, उससे उनके बयान पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एनसीपी ने भी इस पर राहुल का समर्थन नहीं किया है। ऐसे में मराठी अस्मिता के मसले पर कांग्रेस के घिरने का खतरा है। महाराष्ट्र में हिंदुत्व के अलावा मराठी अस्मिता भी एक मुद्दा रहा है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में पहले ही कांग्रेस चौथे नंबर की पार्टी है और यदि परसेप्शन की जंग में वह पिछड़ती है तो फिर और मुश्किल होगी। सावरकर के मुद्दे पर शिवसेना और एनसीपी जैसे दल भी उसका साथ नहीं देंगे।


बैकफुट पर आई कांग्रेस, जयराम रमेश बोले, असहमति भी ठीक


राहुल गांधी के बयान पर शिवसेना के ऐतराज से कांग्रेस बैकफुट पर दिख रही है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, ये इतिहास के तथ्य हैं और ऐतिहासिक पर्सनैलिटीज हैं। हमारी राय में उन्हें लेकर फर्क हो सकता है। मैंने आज सुबह ही संजय राउत से बात की है और हम सहमत हैं कि असहमति हो सकती है।

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