Thursday, 24 November 2022

Maharashtra : अजित पवार का दावा- महाराष्ट्र छोड़ना चाहते हैं राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, बताई ये वजह


Maharashtra : महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता अजित पवार ने बुधवार को दावा किया कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी यहां अपने पद पर नहीं बने रहना चाहते हैं. एनसीपी नेता ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, उन्होंने खुद मुझसे कहा था कि उन्हें अब महाराष्ट्र में बने रहने में कोई दिलचस्पी नहीं है और वह अपने पद से मुक्त होना चाहते हैं. छत्रपति शिवाजी महाराज पर राज्यपाल की हालिया टिप्पणी पर एक बार फिर भौंहें चढ़ाते हुए, पवार ने आश्चर्य जताया कि क्या कोश्यारी जानबूझकर इस तरह के विवादास्पद बयान दे रहे हैं, ताकि केंद्र को उन्हें इस राज्य से स्थानांतरित करने के लिए मजबूर किया जा सके.


2019 में की गई थी राज्यपाल की नियुक्ति

पवार ने कहा, मैंने उनसे (कोश्यारी) कहा कि उन्हें बस अपने वरिष्ठों से उन्हें कोई और पोस्टिंग देने का अनुरोध करना चाहिए. राज्यपाल को सितंबर 2019 में राज्य में नियुक्त किया गया था. 80 वर्षीय कोश्यारी पर पिछले सप्ताह बयान की वजह से पूरे राज्य का गुस्सा फूट गया था. उन्होंने कहा था- छत्रपति शिवाजी महाराज पुराने युग के प्रतीक थे और स्वर्गीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर या केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जैसे व्यक्ति आधुनिक समय के प्रतीक हैं. छत्रपति उदयनराजे भोसले ने सीधे तौर पर राज्यपाल पर हमला किया, उन्हें तृतीय श्रेणी का व्यक्ति कहा, जो अपने बयानों के लिए राज्य से बाहर या वृद्धाश्रम में जाने के योग्य है, सोमवार से राज्य में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए.


सभी राजनीतिक दलों ने की राज्यपाल के बयान की आलोचना

राज्यपाल के बयानों पर सभी राजनीतिक दलों- बीजेपी-बालासाहेबंची शिवसेना के सत्तारूढ़ गठबंधन, विपक्षी कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, शिवसेना-यूबीटी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रत्यक्ष वंशज, मराठिया ब्रिगेड, जिजाऊ ब्रिगेड, आदि जैसे संगठनों से तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. पिछले तीन वर्षों में कई मौकों पर राज्यपाल, महात्मा ज्योतिराव फुले पर बयानों, राज्य के विकास में मारवाड़ी-गुजराती समुदायों के योगदान, कई मौकों पर तत्कालीन महा विकास अघाड़ी सरकार को घेरते रहे हैं . पवार के दावों पर अभी तक न तो राज्यपाल की ओर से और न ही राज्य सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई है.

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