Saturday, 19 November 2022

‘शिवाजी महाराज पुराने आदर्श, गडकरी महाराष्ट्र के नए हीरो’, राज्यपाल के बयान पर फिर संग्राम

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने आज (19 नवंबर, शनिवार) फिर एक विवादास्पद बयान दे दिया है, जिससे महाराष्ट्र में कोहराम मच गया है. उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज तो पुराने आदर्श हो गए हैं. आज लोग चाहें तो इसी महाराष्ट्र में उन्हें नए आदर्श मिल जाएंगे. वे बाबासाहेब आंबेडकर से लेकर नितिन गडकरी और शरद पवार हो सकते हैं. उनके इस बयान पर शिवाजी महाराज के वंशज संभाजी राजे ने राज्यपाल को महाराष्ट्र से बाहर भेजने की मांग कर डाली.


उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के लिए वे इतनी घटिया बातें कर कैसे सकते हैं? ऐसे घटिया विचार वाले लोग हमें महाराष्ट्र में नहीं चाहिए. संभाजी ब्रिगेड के संतोष शिंदे ने कहा कि वे राज्यपाल महाराष्ट्रद्रोही हैं, ये तो पता था, शिवाजी द्रोही भी हैं आज पता चला. उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज कभी पुराने नहीं होंगे. वे महाराष्ट्र के हर व्यक्ति के नस-नस में हैं. राज्यपाल बस सुबह सोकर उठते हैं और जीभ तालू से मार देते हैं. ऐसे वाचाल वीर की जबान बंद होनी चाहिए.


पवार हों या गडकरी कोई शिवाजी की जगह नहीं ले सकता, बोले BJP के नेता

राज्यपाल की ही पार्टी बीजेपी के नेता प्रवीण दरेकर ने भी राज्यपाल को तोल-मोल कर बोलने की सलाह दे डाली है. उन्होंने कहा कि कोई कितना भी बड़ा हो, छत्रपति शिवाजी महाराज का स्थान नहीं ले सकता. महाराष्ट्र में उन्हें देवता समझा जाता है. नितिन गडकरी ने बहुत अच्छा काम किया है शरद पवार ने भी बहुत काम किया है लेकिन वे दोनों भी महाराष्ट्र की मिट्टी से जब अपने कामों की शुरुआत करते हैं तो छत्रपति शिवाजी महाराज से प्रेरणा पाते हैं.


राज्यपाल कोश्यारी ने फिर दिखाई होशियारी, बातें ये क्या कह डालीं

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय में डिग्री दिए जाने से संबंधित कार्यक्रम में राज्यपाल ने यह बयान दिया है. उन्होंने इस कार्यक्रम में एनसीपी प्रमुख शरद पवार और बीजेपी के नेता नितिन गडकरी को डीलिट की उपाधि से सम्मानित किया.इस कार्यक्रम में पवार और गडकरी की तारीफ में राज्यपाल कुछ ज्यादा बोल गए.


राज्यपाल कोश्यारी ने कहा, ‘हम जब स्कूल में पढ़ा करते थे, तब हमारे शिक्षक हमसे सवाल किया करते थे कि आपका आदर्श कौन है? कोई जवाब में नेताजी सुभाष का नाम लेता था, कोई गांधी जी का नाम लेता था. जिसको जो पसंद वह अपने हिसाब से अपने आदर्श चुनता था. मुझे अब ऐसा लगता है कि कोई आपसे अगर यह पूछे कि आपका हीरो कौन? तो आपको कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं है. महाराष्ट्र में ही आपको मिल जाएंगे. शिवाजी महाराज तो पुराने आदर्श हो गए. मैं आज की बात कर रहा हूं. यहीं मिलेंगे. डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर से लेकर डॉ. नितिन गडकरी तक आपको यहीं मिलेंगे.’


‘पवार गुस्सा भी करते हैं शुगर से मीठा, गडकरी को रोडकरी कहा जाता’

राज्यपाल भगत सिंग कोश्यारी ने शरद पवार और नितिन गडकरी की तारीफ में कहा कि पवार तो ऐसे हैं कि जब नाराज भी होते हैं तो उनका गुस्सा शुगर से मीठा होता है. नितिन गडकरी तो इतनी तेजी से सड़कें बना रहे हैं कि लोग उन्हें ‘रोडकरी’ बुलाने लगे हैं. वाहन निर्माता कंपनियों के लिए यह चैलेंज हो गया है कि जितनी तेज रफ्तार से गडकरी रोड बना रहे हैं उनकी गाड़ियां उतनी ही रफ्तार से दौड़ेंगी या नहीं.

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