Thursday, 3 November 2022

NCP नेता जयंत पाटिल का शिंदे सरकार पर तंज- महाराष्ट्र के बजाय ‘गुजरात की सेवा’ के लिए बनी ‘गवर्मेंट’


पुणे (महाराष्ट्र): राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता जयंत पाटिल (Jayant Patil) ने बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को गंवाने के लिए एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Goverment) पर निशाना साधा और उस पर ‘गुजरात की सेवा’ करने का आरोप लगाया। पुलिस भर्ती को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर यहां राकांपा द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में पाटिल ने यह भी कहा कि टाटा जैसे समूह द्वारा अपनी परियोजना के लिए दूसरे राज्य को चुनना सरकार के लिए शर्मिंदगी की बात है। पाटिल ने कहा, ‘‘परियोजनाओं को गुजरात में स्थानांतरित किया जा रहा है और मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री मूकदर्शक बने हुए हैं। अगर वेदांता-फॉक्सकॉन परियोजना राज्य में आती, तो इससे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से तीन से चार लाख रोजगार पैदा होते।”


महाराष्ट्र के पूर्व वित्त मंत्री पाटिल ने कहा कि वेदांता-फॉक्सकॉन के बाद, टाटा कंसोर्टियम और एयरबस की सैन्य विमान परियोजना भी गुजरात चली गई। राकांपा नेता ने आगे दावा किया, ‘‘राज्य में नयी सरकार लाने की साजिश रची गई ताकि (नयी) सरकार महाराष्ट्र से ज्यादा गुजरात की सेवा करे।” इस साल जून में शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस की महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार गिरने के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आई थी। पाटिल ने राज्य सरकार पर पूर्ववर्ती एमवीए सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न करने का भी आरोप लगाया।


राकांपा नेता ने आरोप लगाया, ‘‘हमने पुलिस भर्ती का निर्णय लिया था और वर्तमान सरकार को केवल इसे लागू करने की जरूरत है, लेकिन वे बाधाएं पैदा कर रहे हैं।” उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के पहले पन्ने पर राज्य सरकार के एक विज्ञापन के प्रकाशन को लेकर पाटिल ने कहा कि कोई भी अखबार किसी विज्ञापन को मना नहीं करेगा। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अखबार के अंदर क्या प्रकाशित किया गया है, उसे भी पढ़ना चाहिए।


शिंदे नीत सरकार द्वारा राज्य में मामलों की जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के लिए आम सहमति बहाल करने के बारे में (जिसे पूर्ववर्ती एमवीए सरकार ने वापस ले लिया था), पाटिल ने कहा कि राज्य पुलिस किसी भी मामले की जांच करने में सक्षम है। उन्होंने कहा, ‘‘यह दिखाता है कि सरकार को महाराष्ट्र पुलिस पर भरोसा नहीं है।”


उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस आरोप पर कि महाराष्ट्र से बाहर जा रही परियोजनाओं पर एक फर्जी विमर्श पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है, पाटिल ने कहा कि राज्य सरकार ने वेदांता के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल से बात करने और सेमीकंडक्टर परियोजना को वापस लाने की कोशिश नहीं की। राकांपा नेता ने कहा, ‘‘अगर टाटा जैसा समूह महाराष्ट्र से बाहर जा रहा है, तो यह इस सरकार के लिए बड़ी शर्मिंदगी की बात है। 

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