Monday, 21 November 2022

उस लिपस्टिक वाली को क्या पता? उद्धव ठाकरे के नेता चंद्रकांत खैरे की फिसली जुबान, जानिए किस पर साधा निशाना


मुंबई: उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) गुट के शिवसेना नेता चंद्रकांत खैरे ने फिल्म अभिनेत्री दीपाली सैयद पर निशाना साधा है। इस दौरान चंद्रकांत खैरे की जीभ फिसलती हुई नजर आई। अपने भाषण के दौरान उन्होंने दीपाली सैयद को 'लिपस्टिक वाली बाई' (महिला) कहकर पुकारा। फिलहाल चंद्रकांत खैरे (Chandrakant Khaire) अपने इस बयान की वजह से चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। यह बयान उन्होंने महाप्रबोधन यात्रा में मंच पर अपने संबोधन के दौरान दिया। ठाकरे गुट की उपनेता सुषमा अंधारे के नेतृत्व में महाप्रबोधन यात्रा (Mahaprabodhan Yatra) शुरू है जो फिलहाल औरंगाबाद जिले में दाखिल हुई है। शिंदे गुट के विधायक प्रदीप जायसवाल के विधानसभा क्षेत्र में कल सुषमा अंधारे की रैली भी हुई थी। इसी रैली में चंद्रकांत खैरे, मनीषा कांदे, विनोद घोसालकर समेत अन्य नेता मौजूद थे। कुछ दिन पहले दीपाली सैयद ने सुषमा अंधारे और नीलम गोर्हे को 'चिल्लर नेता' कहकर संबोधित किया था। इसी बात के जवाब में चंद्रकांत खैरे ने दीपाली सैयद (Deepali Sayyad) पर निशाना साधते हुए उन्हें लिपस्टिक वाली महिला कहकर पुकारा। खैरे ने कहा कि लिपिस्टिक वाली बाई ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नीलम गोर्हे और सुषमा अंधारे के पास कुछ नहीं है। सुषमा अंधारे (Sushma Andhare) की शिक्षा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठा विद्यापीठ से हुई है। दशहरा रैली के दौरान मैंने उनसे कहा था कि आपने बेहतरीन भाषण दिया है। बता दें की कुछ पहले तक दीपाली सैयद उद्धव ठाकरे गुट में सक्रिय थीं।


तब सुषमा अंधारे ने मुझे बताया था कि साहब जब आप शिवसेना प्रमुख का जन्मदिन मना रहे थे, तब अपने एक स्पर्धा का आयोजन किया था। उस समय मेरे पास कॉलेज की फीस भरने के पैसे नहीं थे। तब मैंने कड़ा परिश्रम करने का फैसला लेते हुए दोनों स्पर्धाओं में हिस्सा लिया और दस हजार रुपये जीते थे। ऐसी हैं, हमारी सुषमा अंधारे, इस लिपिस्टिक वाली बाई को कुछ समझ में आता है क्या? अभी तो उसे पार्टी में भी शामिल नहीं किया जा रहा हैं।


पाउडर लगाकर हमारी पास मत आओ


सुषमा अंधारे हों, मनीषा कायंदे हों या नीलम गोर्हे यह सभी महिलाएं काफी अनुभवी हैं, हमारे दल में ऐसी महिला नेता हैं। इसीलिए आपको कुछ बोलने की जरूरत नहीं है। साथ ही पाउडर लगाकर हमारे पास आने की भी जरूरत नहीं है। खुद ही कुछ भी बड़ी-बड़ी बातें करना, उसे नेता नहीं कहते। बोलने का अधिकार सिर्फ शिवसेना नेता और प्रवक्ताओं को होता है। सुषमा अंधारे इस महाप्रबोधन यात्रा की जनक हैं।


40 विधायकों को इलाके से साफ करेंगे

चंद्रकांत खैरे ने कहा कि सुषमा अंधारे महाप्रबोधन यात्रा की जनक हैं। मैं मंच पर उनके पहले हैं आपसे बात कर रहा हूं। वो आखिर में भाषण देंगी। इसकी बड़ी वजह यह है कि जिन 40 विधायकों ने बगावत की है। उन्हें उनके चुनाव क्षेत्र से साफ करने का काम इस यात्रा के जरिए शुरू है।

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