Saturday, 19 November 2022

मुंबई में 1,820 महिलाओं पर एक पब्लिक टॉइलेट! BMC के 58 प्रतिशत लेडीज शौचालय में लाइट की व्यवस्था नहीं


मुंबई: बीएमसी (BMC) महिलाओं को आवश्यकता के अनुसार टॉइलेट (शौचालय) उपलब्ध कराने में असफल रहा है। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के लिए टॉइलेटों की संख्या बहुत कम है। मुंबई (Mumbai) में औसतन 1820 महिलाओं पर एक पब्लिक टॉइलेट है, जबकि 752 पुरुषों पर एक टॉयलेट उपलब्ध है। वहीं, 4 पब्लिक टॉइलेट में से सिर्फ 1 महिलाओं के लिए है। इसी तरह 58 प्रतिशत टॉइलेट में लाइट की व्यवस्था नहीं है, जिससे महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़ा होता है। स्वच्छ भारत अभियान के अनुसार, 100-400 पुरुषों और 100-200 महिलाओं पर एक टॉइलेट होना चाहिए, लेकिन मुंबई में बीएमसी के कार्य स्वच्छ भारत अभियान के आंकड़े के आसपास भी नहीं ठहरते हैं।


42 प्रतिशत मुंबईकरों के परिसर में टॉइलेट नहीं

लगभग 42 प्रतिशत मुंबईकरों को उनके परिसर में टॉइलेट नहीं है, जबकि 94.8 प्रतिशत लोग पब्लिक या कम्युनिटी टॉइलेट का इस्तेमाल करते हैं। प्रजा फाउंडेशन के योगेश मिश्रा ने बताया कि 45 हजार करोड़ रुपये के बजट वाली बीएमसी महिलाओं को आवश्यकता के अनुसार टॉइलेट उपलब्ध कराने में असफल रही है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत किए गए शौचालय सर्वेक्षण के परिणाम दर्शाते हैं कि मुंबई के केवल 28 प्रतिशत शौचालय पाइप सीवरेज प्रणाली से जुड़े हैं। इसी तरह 2019 तक मुंबई में 45 पुरुषों और 36 महिलाओं पर एक कम्युनिटी टॉइलेट सीट उपलब्ध है, जबकि स्वच्छ भारत अभियान के अनुसार 35 पुरुषों और 25 महिलाओं पर एक टॉइलेट सीट होनी चाहिए।


पानी का कनेक्शन सही नहीं

सर्वे के अनुसार 72 प्रतिशत शौचालय सीवरेज लाइन से कनेक्ट नहीं हैं। वहीं 78 प्रतिशत टॉइलेट में पानी कनेक्शन की सही व्यवस्था नहीं है। पिछले एक दशक में टॉइलेट को लेकर बीएमसी को मिलने वाली शिकायत में 230 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2012 में टॉइलेट को लेकर 148 शिकायत मिली थी, जो 2021 में बढ़कर 489 तक पहुंच गई। मुंबई में कुल सार्वजनिक शौचालयों में से केवल 25 प्रतिशत महिलाओं के लिए, 71 प्रतिशत पुरुषों के लिए और 4 प्रतिशत विकलांग नागरिकों के लिए हैं। पूछे जाने पर बीएमसी जनसंपर्क विभाग के पास इस संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं पाई गई।


एक टॉइलेट सीट पर डेढ़ लाख रुपये खर्च

मुंबई के प्रमुख स्लम इलाकों में शामिल गोवंडी में अगस्त से लेकर अक्टूबर 2022 के बीच 188 सार्वजानिक शौचालयों में 3587 टॉइलेट सीट लगाई गई। प्रति सीट बीएमसी ने यहां 1.5 लाख रुपये खर्च किए हैं। बीएमसी ने इन टॉइलेट सीटों को लगाने में 53.8 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

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