Monday, 31 October 2022

सुमित्रा महाजन को राज्यपाल बनाने की अटकलें, ताई ने कहा- मुझसे तो किसी ने कुछ पूछा ही नहीं

लोकसभा की पूर्व स्पीकर और इंदौर से आठ बार सांसद रहीं सुमित्रा महाजन को राज्यपाल बनाने की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं। 11 अक्टूबर को श्री महाकाल लोक के लोकार्पण में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए थे, तब उन्होंने सुमित्रा महाजन से बातचीत की थी। तब से उनकी राजनीतिक सक्रियता भी बढ़ गई हैं। इंदौर से जुड़े मामलों में भी वह बैठकें ले रही हैं। खुलकर बोल रही हैं। इस बीच, रविवार को अटकलों का बाजार गरमा गया कि उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया है। फिर तो जैसे बधाइयों का तांता लग गया। सोशल मीडिया पर उन्हें शुभकामनाएं दी जाने लगीं। हालांकि, सुमित्रा महाजन ने इन खबरों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि मुझसे तो किसी ने पूछा नहीं, यह बातें न जाने कहां से आ गई है।  



दरअसल, भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में उम्र के मापदंड के आधार पर सुमित्रा ताई को टिकट नहीं दिया। इसके बाद तो कई बार उन्हें नई जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चाएं सामने आई हैं। रविवार को कुछ राज्यों में राज्यपाल की नियुक्ति की सूची जारी होने वाली है, यह खबरें थी। इसके बाद महाजन को महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाए जाने की चर्चा चल पडी। महाजन समर्थकों ने फेसबुक, ट्विटर पर उन्हें बधाई संदेश तक भेज दिए। खुद सुमित्रा महाजन ने किसी भी तरह की जिम्मेदारी दिए जाने से इनकार किया है। अमर उजाला से बातचीत में ताई ने कहा कि मेरे पास किसी का फोन नहीं आया। लोग मुझसे पूछ रहे हैं कि ताई आप राज्यपाल बन गई क्या? लेकिन जो राज्यपाल बनाने का फैसला लेते हैं, उनकी तरफ से मुझसे इस बारे में अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई।  



पहले भी राज्यपाल बनाने की बात उठी थी

छह माह पहले भी ताई को महाराष्ट्र और गोवा का राज्यपाल बनाए जाने की चर्चा चली थी। दरअसल, ताई महाराष्ट्र के कोंकण के चिपलूण गांव की है। मुबंई समेत महाराष्ट्र के कई हिस्सों में उनके रिश्तेदार रहते हैं। जानकारों का कहना है कि ताई लोकसभा स्पीकर रह चुकी हैं। यह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों में से एक हैं। इसके बाद उन्हें राज्यपाल का पद नहीं दिया जा सकता। 



ताई ने कहा- मुझे किसी ने नहीं पूछा

ताई को राज्यपाल बनाए जाने की चर्चा चलने के बाद अमर उजाला ने खुद उनसे इस बारे में चर्चा की। इस पर ताई ने कहा कि इस बारे में उनसे अभी तक किसी ने कुछ नहीं पूछा। दिल्ली से भी इस बारे में कोई फोन आने की बात से उन्होंने इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जिन्हें मुझे यह जिम्मेदारी देनी है, उन्हें तो पूछ लेने दो। अभी तो कुछ भी नहीं है। 

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