Friday, 7 October 2022

दशहरा रैली में शिवसेना के किसी धड़े ने नहीं किया ध्वनि सीमा का पालन

मुंबई: शिवसेना के दोनों खेमों की दशहरा रैली में ध्वनि का स्तर निर्धारित सीमा को पार कर गया। यहां एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।


एनजीओ आवाज फाउंडेशन की रिपोर्ट में कहा गया है कि शिवसेना के उद्धव ठाकरे खेमे की शिवाजी पार्क में बुधवार को हुई दशहरा रैली में ध्वनि का अधिकतम स्तर 101.6 डेसीबल मापा गया, जबकि पार्टी के एकनाथ शिंदे नीत खेमे की बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स (बीकेसी) में आयोजित रैली में ध्वनि का स्तर 91.6 डेसीबल मापा गया।



एनजीओ ने बुधवार को हुई दोनों रैली की ध्वनि-स्तर निगरानी रिपोर्ट मुंबई के पुलिस आयुक्त विवेक फणसालकर को सौंपी है और ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत उपयुक्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।


‘आवाज फाउंडेशन’ की प्रमुख सुमायरा अब्दुलाली ने पीटीआई-भाषा को बताया कि शिवाजी पार्क में ध्वनि की निर्धारित सीमा 55 डेसीबल है। यह स्थान एक आवासीय क्षेत्र है।


उन्होंने बताया कि बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स में ध्वनि की निर्धारित सीमा 65 डेसीबल है। यह स्थान वाणिज्यिक क्षेत्र की श्रेणी में आता है।


फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार, 101.6 डेसीबल ध्वनि शिवाजी पार्क के बाहर सड़क पर बजाये जाने वाले ढोल के कारण थी, जबकि बीकेसी में ध्वनि का अधिकतम स्तर 91.6 डेसीबल उस वक्त दर्ज किया गया जब कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिंदे का स्वागत किया गया।


रिपोर्ट में यह बताया गया है कि शिवाजी पार्क में पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर का भाषण सबसे अधिक ध्वनि वाला था, जो 97डेसीबल दर्ज किया गया, जबकि बीकेसी में ध्वनि का उच्चतम स्तर शिंदे के भाषण के दौरान था और यह 89.6 डेसीबल था।


शिवाजी पार्क एक आवासीय क्षेत्र है और बंबई उच्च न्यायालय ने एक स्कूल तथा नर्सिंग होम की मौजूदगी के कारण उसे ‘साइलेंस जोन’ घोषित किया था।


ध्वनि नियमों में 2017 में संशोधन किये जाने के बाद राज्य सरकार ने इसे पुन: ‘साइलेंस जोन’ अधिसूचित किया।


मानकों के मुताबिक, ‘साइलेंस जोन’ में ध्वनि का स्तर दिन में 50 डेसीबल से अधिक और रात में 40 डेसीबल से अधिक नहीं होना चाहिए।

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