Thursday, 27 October 2022

पति-पत्नी सहित पुत्र की मौत, नागपुर-मुंबई महामार्ग पर हुआ भीषण हादसा, 1 बालक गंभीर घायल

नागपुर-मुंबई महामार्ग पर हुए भीषण हादसे में तहसील के परसोडी निवासी एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई. मृतकों में पति, पत्नी और 13 वर्षीय बालक का समावेश है़ उपरोक्त हादसा वाशिम जिले के पांगरी कुटे से डोंगरकिन्ही के दौरान घटा़ वहीं एक बालक गंभीर रूप से घायल बताया गया़ चोपडे परिवार मुंबई से दिवाली मनाने अपने गांव आ रहा था़ इस घटना के बाद तहसील के परसोडी में मातम छाया हुआ है.


25 अक्टूबर की शाम 4.30 बजे मेहकर के समीप कार क्रमांक एमएच 46 एक्यू 3089 को मालेगांव से आ रहे ट्रक क्रं. एमएच 28 एबी 8218 ने टक्कर मार दी़ हादसा घटते ही पांगरी कुटे के नागरिकों ने मालेगांव पुलिस को सूचना दी. पश्चात मौके पर एम्बुलेंस पहुंची़  पुलिसकर्मी गुणवंत गायकवाड, रविंद्र लोखंडे भी घटनास्थल पर पहुंचे.


ग्रामीण व पुलिस की मदद से एम्बुलेंस चालक राहुल सांगले व डा़ संजय गोले ने घायलो को वाशिम के जिला अस्पताल में दाखिल करवाया़ परंतु हादसा इतना भीषण था कि तीन लोगों की इसमें मौत हो गई़ सोनु लीलाधर चोपडे (40) ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. वहीं हार्दिक लीलाधर चोपडे (13) व लीलाधर श्रीराम चोपडे (45) की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई. वहीं छोटा बेटा नाविण्य लीलाधर चोपडे (8) गंभीर रूप से घायल बताया गया़ उसे तुरंत आगे के इलाज के लिये अकोला में रेफर किया गया़ हादसे के बाद कार चालक लीलाधर चोपडे बुरी तरह से फंस गये थे़ उन्हें ग्रामीणों ने गंभीर हालत में मालेगांव के ग्रामीण अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.


लीलाधर मुंबई में करता था नौकरी

कारंजा तहसील के परसोडी निवासी चोपडे परिवार के लीलाधर ने गांव की जिला परिषद स्कूल में पांचवीं तक शिक्षा प्राप्त की़ अत्यंत बिकट स्थिति में आगे की पढ़ाई कारंजा के माडेल कनिष्ठ महाविद्यालय में पूर्ण की़ इसके बाद अभियांत्रिकी डिग्री के बाद दुबई में नौकरी हासिल की़ इसके बाद मुंबई में एक निजी कंपनी में नौकरी पर लगा़ अत्यंत गरीब परिस्थिति से उसने यह मुकाम हासिल किया था.


दीवाली के लिये आ रहे थे गांव

प्रति वर्ष लीलाधर अपने परिवार के साथ दिवाली मनाने परसोडी आता था़ परिवार व मित्रों के साथ मिलकर दिवाली मनाता था़ प्रति वर्ष की तरह लीलाधर पत्नी व दो बेटों को लेकर कार से परसोडी के लिये निकला़ परंतु इस बार नियति को कुछ ओर ही मंजूर था़  हादसे में पति, पत्नी व पुत्र की मौत से चोपडे परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा.


वाशिम से डा. महेंद्र घागरे को आया फोन

चोपडे परिवार के सदस्य हादसाग्रस्त होने के बाद उन्हें वाशिम के जिला अस्पताल में दाखिल किया गया़ जहां चिकित्सक को यह परिवार वर्धा जिले के कारंजा तहसील का होने की बात पता चलते ही उन्होंने कारंजा के अपने मित्र डा़ महेंद्र घागरे को इसकी सूचना दी. घागरे ने यह खबर परसोडी के चोपडे परिवार को दी़  इसके बाद परिवार के सदस्य वाशिम के लिये रवाना हुए. 

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