Monday, 17 October 2022

Bombay HC में दुष्‍कर्म के आरोपित को जमानत, लापता पीड़िता एक साल में मिली तो करनी होगी शादी


मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने दुष्‍कर्म के एक मामले में गिरफ्तार 26 वर्षीय व्यक्ति को जमानत दे दी है, लेकिन एक शर्त के साथ। अदालत का कहना है कि अगर पीड़िता एक साल के भीतर मिल जाती है तो उसे उससे शादी करनी होगी, बता दें कि वर्तमान में पीड़िता लापता है।


समाचार के अनुसार 12 अक्टूबर को पारित आदेश में न्यायमूर्ति भारती डांगरे की एकल पीठ ने कहा, व्यक्ति एक वर्ष से अधिक इस शर्त से बाध्य नहीं होगा। अदालत ने कहा कि आरोपित और 22 वर्षीय महिला के बीच सहमति से संबंध थे, लेकिन दुष्‍कर्म और धोखाधड़ी का मामला तब दर्ज किया गया जब उसके महिला के गर्भवती होने के बाद आरोपित उससे बचने लगा।


परिवार को थी जानकारी  

फरवरी 2020 में महिला ने आरोपित के खिलाफ मुंबई पुलिस (Mumbai Police) में शिकायत दर्ज करवायी थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अपनी शिकायत में, महिला ने दावा किया कि वे 2018 से इस रिश्ते में थी और उनके परिवार को भी इसकी जानकारी थी और उन्‍हें भी इस रिश्‍ते पर कोई आपत्ति नहीं थी।


27 जनवरी, 2020 को दिया बच्‍चे को जन्‍म

2019 में, महिला को एहसास हुआ कि वह गर्भवती है और उसने आरोपी को सूचित किया, लेकिन उसने उससे बचना शुरू कर दिया। महिला ने घर छोड़ दिया क्योंकि वह अपने परिवार के सदस्यों को गर्भावस्था के बारे में नहीं बताना चाहती थी। 27 जनवरी, 2020 को उसने शहर के एक अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया।


30 जनवरी को महिला ने बच्चे को एक बिल्डिंग के सामने छोड़ दिया। उसके बाद बच्चे को छोड़ने के लिए उसके खिलाफ एक अलग प्राथमिकी दर्ज की गई थी।


आरोपित शादी करने को तैयार 

आरोपित ने इस मामले में हाइकोर्ट को आश्वासन दिया कि वह महिला से शादी करने और बच्चे के पितृत्व को स्वीकार करने के लिए तैयार है। हालांकि, पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि महिला का पता नहीं चल रहा है और बच्चे को बाल देखभाल केंद्र में भर्ती कराया गया है, जिसे पहले ही गोद लिया जा चुका है।


25,000 रुपये के मुचलके पर जमानत

हाइकोर्ट ने कहा, " जब घटना की सूचना मिली थी, उस समय भी पीड़िता बालिग थी और वह पहले ही कह चुकी है कि संबंध सहमति से थे।" कोर्ट ने अपने आदेश में कहा - "मैं इस अनुपालन के अधीन आवेदक को जमानत पर


रिहा करना उचित समझता हूं कि यदि पीड़िता का पता चल जाता है तो एक साल की अवधि के बीच वह उससे विवाह करेगा, लेकिन इसके बाद बाध्य नहीं होगा। अदालत ने उस व्यक्ति को 25,000 रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी है।

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