Thursday, 13 October 2022

महाराष्ट्र: पूर्व सांसद के बेटे को फटाक से मिल गई PhD, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस


आमतौर पर PhD हासिल करने में करीब तीन सालों का वक्त लगता है। लेकिन मुंबई की एक यूनिवर्सिटी में एक छात्र को डिग्री देने में जल्दबाजी का मामला सुर्खियों में बना हुआ है। साथ ही छात्र के पिता पूर्व सांसद होने के कारण मामले ने और तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस जारी है। इधर, छात्र और उनके गाइड सफाई पेश कर रहे हैं।


नील किरीट सोमैया को जल्दी डिग्री दिए जाने के मामले पर चर्चाएं जारी हैं। खबर है कि उम्मीदवार ने अगस्त में अपनी पीएचडी थीसिस जमा की थी और उसे डेढ़ महीने में वाइवा के लिए बुला लिया गया था। इतना ही नहीं अगले ही दिन उन्हें डिग्री भी दे दी गई। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया के बेटे के सर्टिफिकेट में रजिस्ट्रेशन की तारीख जून 2021 है। उन्होंने साल 2017 में डॉक्टोरल पढ़ाई के लिए सिडेनहैम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में दाखिला लिया था।


क्यों हो रहा है बवाल?

सोशल मीडिया यूजर्स इस बात पर आश्चर्य जाहिर कर रहे हैं कि पार्षद सोमैया ने एक साल के भीतर कैसे PhD कर ली। उनके गाइड एमए खान का कहना है कि उनके रिसर्च टॉपिक में साल 2021 में 'संशोधन' किया गया था, जिसके एक साल बाद अगस्त 2022 में उन्होंने थीसिस जमा की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, खान खुद भी इस बात पर हैरानी जता रहे हैं

खान ने कहा, 'सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।' उन्होंने कहा, 'यहां केवल एकबात यही है कि यूनिवर्सिटी ने देरी नहीं की और बहुत तेजी से काम किया है, जो आमतौर पर सभी मामलों में नहीं होता है।' खान ने जानकारी दी कि सोमैया का रिसर्च टॉपिक मार्च 2020 में मंजूरी के लिए जमा किया गया था, जिसपर यूनिवर्सिटी ने कोविड के चलते 2021 तक विचार नहीं किया।


उन्होंने बताया कि जब अप्रूवल के लिए इसपर विचार किया गया, तो टॉपिक को रजिस्टर करने में कुछ देरी हुई, क्योंकि रिसर्च और रिकॉग्निशन कमेटी ने टॉपिक में कुछ बदलाव के सुझाव दिए थे।


टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में नील ने बताया, 'मेरी पीएचडी थीसिस को लेकर की गई तैयारियां और मेहनत किसी भी अन्य छात्र की तरह ही हैं।' उन्होंने साल 2016 में आए पीएचडी टेस्ट रिजल्ट और 2017 में भरा गया चालान साझा किया है। इधर, मुंबई यूनिवर्सटी के प्रवक्ता का कहना है कि सोमैया का पीएचडी रजिस्ट्रेशन 1 जून 2021 को हुआ था और उन्होंने इसे 17 अगस्त 2022 को दाखिल किया था, जिसका मतलब 14 महीने बाद है। जो नियमों के तहत है।

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