Wednesday, 19 October 2022

फेस्टिव सीजन में देश में फिर बढ़ रहा कोरोना का खतरा, महाराष्ट्र में भी मिला नया वैरियंट, डॉक्टरों ने किया सचेत


नई दिल्ली: देश (India) में पिछले दो सालों से कोरोना (Covid-19) के वजह से कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है। पिछले 2 साल पूरी दुनिया के लिए काफी मुश्किल भरें रहे है। वहीं, अब महाराष्ट्र (Maharashtra) में एक बार फिर कोरोना के केसेस बढ़ते हुए नज़र आ रहे है। इसीबीच महाराष्ट्र और केरल जैसे राज्यों ने बढ़ते मामलों को देखते हुए एडवाइजरी भी जारी कर दी हैं। 


रिपोर्ट की माने तो, मुंबई (Mumbai) में पिछले तीन दिनों में कोरोना के 150 से अधिक नए मामले सामने आए हैं। वहीं, पिछले पांच दिनों में औसतन हर दिन 10 लोग हॉस्पिटल में भर्ती हो रहे है। इसीबीच बड़ी खबर सामने आई है कि, महाराष्ट्र में कोरोना के नए एक्स बी बी सब-वेरिएंट (XBB sub variant) का भी मरीज मिला है। इस वजह से अब राज्य सरकार ने जनता को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। सरकार का कहना है कि, दिवाली के दौरान बाजारों में ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है। ऐसे में कोरोना के मामले बढ़ने के आशंका जताई जा रही है। 


मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई (Mumbai) के स्वास्थ अधिकारियों का मानना है कि, सर्दियों में कोरोना के मामलों में वृद्धि हो सकती है। वहीं मुंबई के स्वास्थ्य अधिकारियों का यह भी कहना है कि वे मुंबई में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों के मामलों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। बता दें कि, इन्फ्लूएंजा भी एक संक्रामक रोग है, जो छींकने से दूसरे लोगों में फैल सकता है। 


मुंबई में कोविड टास्क फोर्स का हिस्सा रहे डॉ। राहुल पंडित के मुताबिक, “संक्रमितों की संख्या में वृद्धि और गिरावट काफी पिछले कुछ समय से दिखने मिल रही है। जब तक कोई नया वैरिएंट नहीं आता तब तक ओमिक्रॉन वैरिएंट की संक्रामकता कम रहेगी। हालांकि कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है बल्कि सावधान रहने की जरूरत है। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में फिर से मास्क पहनना शुरू कर देना चाहिए। यदि परिवार में कोई बीमार है या किसी की इम्यूनिटी कमजोर है तो उसे मास्क लगाने की सलाह दें।”


वहीं मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया, नागरिक निकाय कोरोना के लिए इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) और गंभीर तीव्र रेस्प्रिरेट्री इंफेक्शन (SARI) के रोगियों की टेस्ट कर रहा है। जिसमें टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट शामिल है। सभी हॉस्पिटल्स से संदिग्ध मरीजों के नमूने इकट्ठे किए जा रहे हैं। यदि, किसी का सैंपल पॉजिटिव है, तो उसकी जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए टेस्टिंग की जा रही है।


एशियाई अस्पताल फरीदाबाद की कंसल्टेंट फिजिशियन और संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. चारु दत्त अरोड़ा (Dr Charu Dutt Arora) के मुताबिक, ‘ओमिक्रॉन स्पॉन’ नाम का एक नया वैरिएंट जिसे तकनीकी रूप से बीए.5.1.7 और बीएफ 7 नाम दिया गया है। यह पहली बार चीन के मंगोलिया में पाया गया था। इस वैरिएंट के बारे में यह बताया गया था कि पिछले दो हफ्तों में यह वैरिएंट संयुक्त राज्य अमेरिका में (0.8 से 1.7%) दोगुना हो गया है। यूके, जर्मनी और फ्रांस जैसे यूरोपीय देशों में इस वैरिएंट के लगभग 15-25 प्रतिशत मामले हैं।”


राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार ग्रुप वैक्सीनेशन (NTAGI) के चेयरमैन डॉ. एन.के.अरोड़ा (Dr N.K. Arora) के मुताबिक, ‘इस वैरिएंट के लक्षण भी कोरोना के अन्य वैरिएंट की तरह ही हैं। इस वैरिएंट का मुख्य लक्षण बदन दर्द है। इसके अलावा सर्दी, खांसी आदि भी इस नए सब-वैरिएंट के लक्षण हो सकते हैं।

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