Tuesday, 11 October 2022

Mumbai: 'मुंबई के जेजे अस्पताल का हॉस्टल ढहने की कगार पर', मानवाधिकार आयोग ने डीन और पीडब्ल्यूडी को भेजा समन


Mumbai: मुंबई के सबसे मशहूर मेडिकल कॉलेजों में से एक जेजे अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर डर के रह रहे हैं क्योंकि जिस हॉस्टल में वे रहते हैं वो कभी भी गिर सकता है. राज्य मानवाधिकार आयोग ने इसे लेकर हॉस्पिटल की डीन, राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग और पीडब्ल्यूडी विभाग के मुख्य अतिरिक्त सचिव को समन भेजा है.


जेजे अस्पताल में हर रोज जहां कि 3000 से 4000 मरीज इलाज के लिए आते हैं और यहां इनका इलाज करने के लिए 600 से अधिक रेजिडेंट डॉक्टर हैं. लेकिन लोगों को ठीक करने वाले खतरे में हैं. 300 लोगों के हॉस्टल की जगह पर 600 से अधिक डॉक्टर रह रहे हैं. यह बिल्डिंग 30 साल पुरानी है, जिसके पिलर तक टूट चुके और दरार नजर आ रही है. इंटर्न के रहने वाली जगह पर बेहद गंदगी है. साथ ही बाथरूम की छत से पानी टपक रहा है. एक डॉक्टर ने नाम ना बताने की शर्त पर एबीपी न्यूज की टीम से कहा कि ऐसा हमेशा रहता और इसकी हॉस्पिटल प्रशासन को इसकी कोई चिंता नहीं है.


डीन से मांगा जवाब

रेजिडेंट डॉक्टर्स हॉस्टल की इस स्थिति को देखते हुए राज्य मानवाधिकार आयोग ने जेजे अस्पताल की डीन डॉक्टर पल्लवी सापले से जवाब मांगा है. इस पर पल्लवी सापले ने कहा कि वह खुद इस हॉस्टल में तीन साल तक रही हैं. इस दौरान 80 लोगों का दाखिला होता था जो कि एक साल में 250 तक पहुंचता था. इस इमारत में 300 बच्चों की क्षमता है, लेकिन अब 900 के करीब लोगों का एडमिशन एक साल में हो रहा है. ऐसे में क्षमता से ज्यादा लोग रहने पर तो बिल्डिंग की हालत ऐसी ही होगी. हमने कई बार पीडब्लयूडी विभाग को इस बारे में बताया है. साथ ही एक प्रस्ताव भी रखा कि बिल्डिंग को तोड़ कर एक नई इमारत बनाई जाए लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है.


'हमें कम बजट मिलता है'

जेजे अस्पताल की डीन डॉक्टर पल्लवी सापले ने बताया कि दो बार ऑडिट कराया, लेकिन इसमें इमारत को सुरक्षित बताया गया. हमें जो बजट दिया जाता है, उसमें एक बार में केवल 20 कमरे ठीक कराए जा सकते हैं. साथ ही उन्होंने बॉयज हॉस्टल में गंदगी पर कहा कि सफाई रोज नहीं हो पाती क्योंकि कर्मचारी कम हैं. हमने सफाई कर्मचारियों के लिए बाहर से प्राइवेट कंपनी को बुलाने का निर्णय लिया है लेकिन हम अनुमति मिलने का इंतजार कर रहे हैं. 

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