Friday, 28 October 2022

8 साल की बच्ची के बलात्कारी को 10 साल की सजा, अदालत ने मुआवजे का भी दिया निर्देश


मुंबई: 8 साल की बच्ची के बलात्कारी को 10 साल की सजा सुनाते हुए शहर की एक पॉस्को अदालत ने कहा कि पीड़िता की मां को मुंबई के जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा पीड़ित मुआवजा योजना के तहत नियम के अनुसार मुआवजा दिया जाना चाहिए. पीड़ित बच्ची की जान बीमारी की वजह से नहीं बच पाई. पीड़िता की मां बीमारी के कारण अपने बच्ची को खोने के दर्द से गुज़री है. अदालत ने कहा, “पेनेट्रेटिव सेक्शुअल असॉल्ट को राज्य द्वारा मुआवजा दिया जाना चाहिए,” साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर 26 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया.


बता दें कि आरोपी बच्ची का पड़ोसी था. पीड़ित की मां ने 28 मार्च 2019 को शाम करीब साढ़े पांच बजे कोर्ट को बताया कि उसने अपनी 8 साल की बेटी के पेशाब में खून देखा. मां ने बच्ची से जब आगे पूछताछ कि तो उसने बताया कि 20 मार्च 2019 को दोपहर करीब 3 बजे जब वह आरोपी के घर में बच्चों के साथ खेल रही थी, तो आरोपी ने उसे पर्दे के पीछे से पकड़ लिया और उसका यौन शोषण किया.


बच्ची ने मां को यह भी बताया कि आरोपी ने उसे धमकी दी थी और कहा था कि वह इस घटना के बारे में किसी को न बताए. मां ने अदालत में कहा कि वह अपनी बेटी को स्थानीय डॉक्टर के पास ले गईं, जिन्होंने उन्हें आगे की चिकित्सा जांच और इलाज के लिए केईएम अस्पताल जाने की सलाह दी. अगले दिन बच्ची को वहां ले जाया गया. 30 मार्च 2019 को प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया.


हालांकि आरोपी ने दावा किया कि ‘पुराने झगड़े के चलते उसे झूठा फंसाया गया है. कोई भी परिवार अपने गर्ल चाइल्ड की निजी अंग की गोपनीयता को पड़ोसी के साथ हुए झगड़े को लेकर उजागर नहीं कर सकता क्योंकि यह बच्चे और परिवार के लिए गर्व की बात नहीं है.’


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