Thursday, 13 October 2022

Maharashtra: तीन हजार की रिश्वत ले रहा था राजस्व अधिकारी, एसीबी को देखते ही बाइक उठाई और हो गया फरार


महाराष्ट्र के ठाणे जिले के एक गांव में रिश्वतखोर राजस्व अधिकारी, एसीबी अधिकारी को देखते ही बाइक से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि राजस्व अधिकारी ने जमीन मामले को सुलझाने के लिए रिश्वत की मांग की थी जिसकी शिकायत एसीबी के पास पहुंची थी। जिसके बाद से भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने दबिश डालनी शुरू कर दी थी।


 जमीन ट्रांसफर के लिए 13 हजार रुपये की मांग की थी

अधिकारियों के अनुसार घटना बुधवार को जिले के शाहपुर तालुका के खुटघर शाहपुर गांव की है। आरोपी ने शिकायतकर्ता से एक हाउसिंग सोसाइटी के नाम पर भूमि के हस्तांतरण के लिए 13,000 रुपये की मांग की थी। बातचीत के बाद, राशि को 5,000 रुपये पर अंतिम रूप दिया गया था। आरोपी ने शिकायतकर्ता से 3,000 रुपये स्वीकार भी किए। इसके बाद शिकायतकर्ता ने इस मुद्दे को उठाने के लिए एसीबी की ठाणे इकाई से संपर्क किया। इसके बाद राजस्व अधिकारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। 


ऐसे फरार हुआ आरोपी

फिर शिकायतकर्ता और पांच गवाह के साथ एसीबी की टीम आरोपी राजस्व अधिकारी के दफ्तर पहुंची। वहां शिकायतकर्ता को राजस्व अधिकारी को तीन हजार रुपये देने के लिए कहा गया लेकिन इसकी भनक राजस्व अधिकारी को लग गई थी और वह सभी को धक्का देकर फरार हो गया। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और बाद में शाहपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।


बहु को प्रताड़ित करने के आरोप में  परिवार के सात सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज  

वहीं एक अन्य मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने एक लड़की को जन्म देने के लिए अपनी पत्नी को प्रताड़ित करने के आरोप में नवी मुंबई के तलोजा में एक व्यक्ति और उसके परिवार के सात सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारी ने कहा कि आरोपी इस बात से भी नाखुश थे कि बच्ची का रंग सांवला है। फरवरी 2019 में मुख्य आरोपी से शादी करने वाली 29 वर्षीय महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर तलोजा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।


जानें क्या है पूरा मामला

दंपति अपने ससुराल वालों के साथ कामोठे इलाके में रहता था। नवंबर 2019 में, पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसके बाद उसके ससुराल वालों ने उसे ताना मारना और परेशान करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि वे एक लड़का चाहते हैं, लेकिन उसने एक लड़की को जन्म दिया, जो कि काले रंग की है। वे उसे मानसिक रूप और शारीरिक रूप से से परेशान करते रहे।  उन्होंने कार खरीदने के लिए 10 लाख रुपये की भी मांग की और जब उसने असमर्थता जताई तो उसे नवजात के साथ घर से निकाल दिया गया। उसके बाद, वह अपने माता-पिता के साथ रहती थी।


शिकायत में कहा गया है कि उसके ससुराल वाले भी चाहते थे कि उसका पति दूसरी महिला से शादी करे और उसने उनकी बेटी को जान से मारने की धमकी भी दी। दहेज प्रताड़ना और धमकी देने के आरोप में उस व्यक्ति के भाई और बहन सहित आठ आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।


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