Friday, 28 October 2022

‘छोटा पप्पू’ कहने पर अब्दुल सत्तार पर भड़के आदित्य ठाकरे, कही ये बड़ी बात


पुणे: महाराष्ट्र (Maharashtra) से 22000 करोड़ रुपये का टाटा-एयरबस सी-295 परिवहन विमान प्रोजेक्ट (Tata-Airbus Project) गुजरात चला गया है। यह प्रोजेक्ट जाने के बाद महाराष्ट्र में विवाद शुरू हो गया है। इस प्रोजेक्ट के जाने के बाद विपक्ष ने शिंदे-फडणवीस सरकार पर निशाना साधा है। वहीं, आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) ने भी इस प्रोजेक्ट के राज्य से जाने को लेकर शिंदे-फडणवीस सरकार पर सवाल उठाए है। वहीं, अब राज्य के मंत्री अब्दुल सत्तार (Abdul Sattar) ने आदित्य ठाकरे की आलोचना करते हुए उन्हें ‘छोटा पप्पू’ कहा है।अब्दुल सत्तार ने कहा की। यदि अगर छोटा पप्पू पहले बोलता तो यह समय नहीं आता। 


अब्दुल सत्तार (Abdul Sattar) ने कहा कि, आदित्य ठाकरे ने पूछा कि का टाटा प्रोजेक्ट बाहर कैसे गया? तारीख क्या थी? करीब से देखा जाए तो यह परियोजना 21 सितंबर 2021 को राज्य से चली गई थी। उनके पिता उस समय मुख्यमंत्री थे। आदित्य ठाकरे कैबिनेट मंत्री थे। तब इस परियोजना को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया, इसलिए आज यह गुजरात चली गई? ऐसे सवाल लोगों के मन में हैं।  अगर छोटा पप्पू पहले बोलता तो यह समय नहीं आता। वहीं, सत्तार द्वारा खुद को छोटा पप्पू कह जाने पर आदित्य ठाकरे नाराज हो गए है। वहीं, उन्होंने सत्तार को करारा जवाब दिया है। 


अब्दुल सत्तार (Abdul Sattar) ने कहा कि, ‘राजनीति अलग होती है। आप कैबिनेट मंत्री, आपके पिता मुख्यमंत्री हैं और 2021 में यह प्रोजेक्ट गुजरात चला जाता है। अपने दोष किसी और पर डालना, यह सब पाप 2021 का है। एकनाथ शिंदे 2022 में मुख्यमंत्री बने। लोगों को गुमराह करना। सत्तार ने आदित्य ठाकरे की आलोचना करते हुए कहा कि, अगर भ्रम का माहौल बनाने के लिए राजनीति की जाती है, तो हर कोई जानता है कि दूसरे पप्पू के रूप में उनकी जगह कहां होगी। अब आदित्य ने भी सत्तार को ऐसा ही जवाब दिया है।


आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) ने अब्दुल सत्तार की आलोचना का जवाब देते हुए कहा है कि, ‘मैं उनके साथ नहीं बैठता और उन्होंने कलेक्टरों से जो पूछा वो मैं करता नहीं। इसलिए उन्हें बुरा लग रहा है।’


आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) ने कहा कि, ‘कल खातों का आवंटन अलग रहा, उद्योग मंत्री ने कृषि को लेकर ट्वीट किया है, कृषि मंत्री ने आबकारी के विषय में बात की। आज राज्य के किसान नहीं जानते कि कृषि मंत्री कौन है।’ आदित्य ठाकरे ने यह भी कहा कि, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि व्यापारियों को पता नहीं कि उद्योग मंत्री कौन है।’

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