Wednesday, 19 October 2022

ठाकरे गुट के पास ही रहेगी ‘मशाल’, कोर्ट ने चुनाव चिन्ह के खिलाफ दायर याचिका ठुकराई

दिल्ली हाई कोर्ट ने आगामी अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग द्वारा उद्धव ठाकरे गुट की पार्टी शिवसेना को जलती हुई मशाल चिन्ह दिए जाने के खिलाफ समता पार्टी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। जस्टिस संजीव नरूला ने कहा कि समता पार्टी विचाराधीन चिन्ह पर किसी भी तरह अपने दावे को सिद्ध करने में सफल नहीं हो सकी। समता पार्टी ने मशाल चुनाव चिन्ह पर दावा किया था और इस चिन्ह को शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट को दिए जाने पर आपत्ति जताई थी। लेकिनसमता पार्टी की 2004 में मान्यता रद्द कर दी गई थी।


दरअसल, पूरा विवाद शिवसेना पर शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट द्वारा दावा करने के बाद शुरू हुआ, चुनाव आयोग ने दोनों ही गुटों द्वारा पार्टी के अधिकारिक चुनाव चिन्ह ‘धनुषबाण’ का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी थी। साथ ही मुंबई के अंधेरी विधानसभा उपचुनाव के लिए केंद्रीय चुनाव आयोग ने शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट को चुनाव चिह्न के साथ पार्टी का नया नाम भी आवंटित किया था। उद्धव गुट की शिवसेना को नया नाम ‘शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे’ मिला था। इसके अलावा शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट को ‘मशाल’ का चुनाव चिन्ह मिला था। दूसरी तरफ सीएम एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को चुनाव आयोग ने ‘बालासाहेबांची शिवसेना’ नाम आवंटित किया था। शिंदे गुट को चुनाव चिन्ह ‘तलवार और ढाल’ आवंटित किया गया.


ठाकरे गुट अंधेरी उपचुनाव ‘मशाल’ चुनाव चिन्ह के ही साथ लड़ेगा

3 नवंबर को महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। शिवसेना के विधायक रमेश लटके का दुबई में दिल का दौरा पड़ने के वजह से 12 मई को निधन हो गया था। इसके बाद यहां उपचुनाव हो रहा है. इस उपचुनाव में ठाकरे गुट ने दिवंगत विधायक की पत्नी ऋतुजा लटके को उम्मीदवार बनाया है। दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद यह तय हो गया है कि अंधेरी उपचुनाव में शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट का चुनाव चिन्ह ‘मशाल’ कायम रहेगा।


बीजेपी ने लिया है अपने उम्मीदवार का नाम वापस

बता दें कि बीजेपी ने ठाकरे गुट की उम्मीदवार के खिलाफ अपने उम्मीदवार का नाम वापस ले लिया है। यह फैसला एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे द्वारा देवेंद्र फडणवीस को चिट्ठी लिखे जाने के बाद लिया गया। राज ठाकरे ने कहा था दिवंगत विधायक की विधवा पत्नी के खिलाफ उम्मीदवार ना देकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जाए।


Lorem ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry.