Wednesday, 12 October 2022

Mumbai : घर से गायब होता कैश, जूलरी, जिन्न और वो 12 साल की लड़की

मुंबई: दक्षिण मुंबई (Mumbai) के एक व्यापारी का टूर एंड ट्रेवल्स का बिजनेस है। मझगांव में उसका कई करोड़ रुपये कीमत का घर है। घर में हमेशा रुपये कैश रहता है। दादी, नानी के समय का भी सोना रखा हुआ था। कुछ सोना व्यापारी ने अपनी कमाई से भी खरीदा था। घर में सब अपने ही रहते हैं, इसलिए व्यापारी ने सोने को कभी लॉक या कहीं और छिपाकर रखने की कोशिश नहीं की। लेकिन पिछले सात-आठ महीने से व्यापारी ने नोटिस किया कि घर में धीरे-धीरे सोना गायब हो रहा है। कभी अंगूठी गायब हुई, कभी कंगने, तो कभी गले की चेन। सिर्फ आठ महीने में करीब 40 लाख रुपये कीमत के गहने चोरी हो गए। व्यापारी सोचता रहा कि जब घर में सब अपने ही रहते हैं, तो यह अपने कभी चोरी क्यों करेंगे? व्यापारी ने परिवार में भी अन्य लोगों से भी बात की कि ऐसा क्यों हो रहा है? किसी ने जिन्न की कहानी सुनाई कि कई बार जिन घर में आते हैं और गहने व अन्य सामान गायब कर देते हैं।


व्यापारी को भी लगने लगा कि शायद जिन्न ही उसके घर से गोल्ड के आभूषण गायब कर रहा है। अब व्यापारी डर गया। उसे गहनों के गायब होने से ज्यादा इस बात का भी खौफ था कि उसके घर में जिन्न है। उसने इस घर को बेचने का मन बना लिया। घर की कीमत चार से पांच करोड़ रुपये के बीच होगी। व्यापारी ने सोचा कि कोई ग्राहक कम रकम भी दे देगा, तो वह इस घर को बेच देगा। उसने मकान बेचने को लेकर कुछ लोगों से बात भी कर ली और अपने लिए नया घर ढूंढना भी शुरू कर दिया।


कैश चोरी होने के बाद खुला दिमाग

इसी दौरान वह सितंबर में एक दिन टूर एंड ट्रेवल्स के बिजनेस से कमाए गए 10-10 लाख रुपये के चार बंडल बनाकर घर लाया। उसने 23 सितंबर को नोट किया कि इनमें से एक बंडल गायब है। उसने कहीं पढ़ा था कि जिन कभी कैश गायब नहीं करते। उसने फिर दिमाग पर जोर डाला। इसके बाद वह जो समझा ,उसका कुल निष्कर्ष यह था कि जिन्न की कहानी पर भरोसा करने के अलावा भी एक दूसरा विकल्प चुनना चाहिए। पुलिस से मिलना चाहिए। माझगांव, जहां उसका घर है, उसका ज्यूरिडिक्शन मुंबई का भायखला पुलिस स्टेशन है। व्यापारी इस पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर अशोक खोत से मिला।


खोत ने व्यापारी की पूरी कहानी सुनी‌, फिर पूछा कि क्या घर में किसी पर शक है? व्यापारी ने जवाब दिया- बिल्कुल भी नहीं। सब अपने ही हैं। घर में बाहर से कोई आता ही नहीं है। लेकिन खोत ने फिर भी जांच के लिए व्यापारी के अलावा परिवार के अन्य लोगों से पूछताछ का फैसला किया। उन्होंने इंस्पेक्टर चिमाजी आढाव और सुहास माने की एक टीम बनाई। इस टीम ने परिवार में सभी से कई-कई घंटे पूछताछ की। उसी में परिवार की 12 साल की बच्ची पर पुलिस का कुछ शक गया। फिर उस बच्ची को अलग बैठाकर बार-बार सवाल पूछे गए। कभी सख्ती से, कभी प्यार से। उसी में बच्ची ने पूरा राज खोल दिया।


मुंबई पुलिस ने यूं सुलझाया केस

यह बच्ची व्यापारी की बहन की बेटी है। बहन सूरत में रहती है। उसने पढ़ाई के लिए अपनी बेटी को मुंबई में अपने भाई के घर छोड़ दिया था। इस 12 साल की बच्ची का 19 साल का चचेरा भाई -हुसैन पत्रावाला सूरत में रहता है। पत्रावाला को पता था कि मुंबई के व्यापारी के घर में गोल्ड और कैश ऐसे ही पड़ा रहता है। पत्रावाला ने फिर बच्ची को अपनी कोई न कोई जरूरत बताकर उसका ब्रेनवाश किया और उस पर सोना गायब करने का दबाव बनाया। बच्ची इसी के बाद सोना गायब करने लगी। हुसैन पत्रावाला ट्रेन पकड़कर सूरत से मुंबई आता। अपनी चचेरी बहन से घर के बाहर मिलता और फिर सोना लेकर ट्रेन पकड़कर वापस सूरत चला जाता। जब यह प्रयोग पहली बार सफल हुआ, तो उसने दूसरी, तीसरी और इस तरह बहन के जरिए सोना चोरी की कई और कोशिशें कीं। हर प्रयास में वह सफल रहा। इस सोने को सूरत में बेचकर वह बदले में मिली रकम से अपने दो दोस्तों हुसैन मुर्तजा और अब्बास अतारी के साथ अय्याशी करता, जबकि मुंबई का व्यापारी जिन द्वारा सोना गायब किए जाने के अंधविश्वास में जीता रहा।


सितंबर महीने में जब हुसैन पत्रावाला को अपनी 12 साल की बहन से पता चला कि मुंबई के घर में 10-10 लाख रुपये के कई बंडल पड़े हुए हैं, तो उसने इस बार एक बंडल गायब करने को कहा। बहन ने ऐसा कर दिया और भाई के मुंबई पहुंचते ही उसे घर के बाहर जाकर यह बंडल दे भी दिया। यहीं पर व्यापारी का अंधविश्वास टूटा- जिन कभी कैश नहीं गायब करते। बाद में पुलिस के जरिए उसे पता चला कि उसके घर से सोना कोई जिन नहीं, उसकी अपनी ही बहन की बेटी गायब कर रही थी।


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