Saturday, 8 October 2022

मुंबई में 500 करोड़ की ड्रग्स जब्त, सेब की पेटियों में साउथ अफ्रीका से छुपाकर लाई गई

मुंबई में डीआरआई ने फिर से ड्रग्स की एक बड़ी खेप पकडी है. यह ड्रग्स हरे सेब के कंटेनर में साउथ अफ्रीका से छुपा कर लाया गया गया था. अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में इसकी कीमत 502 करोड़ रुपए है. डीआरआई मुंबई जोनल यूनिट को इस बारे में खुफिया जानकारी मिली थी. उसी के आधार पर दक्षिण अफ्रीका से आयात किए जा रहे नाशपाती और हरे सेब ले जाने वाले एक कंटेनर को 6 अक्टूबर 2022 को न्हावा शेवा बंदरगाह पर रोक दिया गया.


जब उस कंटेनर की जांच गई तो पता चला कि एक बड़ा हरे सेब के बक्सों के अंदर उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन से बनी ईंटें हैं. इनका वजन तक़रीबन लगभग 1 किलो था. जांच के दौरान DRI की टीम को ऐसी 50.23 किलोग्राम वजन की कुल 50 ईंटे मिलीं, जिनका मूल्य तक़रीबन 502 करोड़ रुपये है.


पहले वाला इंपोर्टर ही निकला इस बार भी स्मगलर

यह कोकीन उसी आयातक के नाम पर आयात किया जा रहा था जिसे पहले डीआरआई ने दक्षिण अफ्रीका से आने वाले संतरे की खेप से 198 किलोग्राम मेथ और 9 किलोग्राम कोकीन जब्त करने के मामले में वाशी में गिरफ्तार किया था. यह हाल के दिनों में कोकीन की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक है, जिसे समुद्री कंटेनर के माध्यम से तस्करी करने का प्रयास किया गया है.


स्मगलर को किया गया NDPS ऐक्ट के तहत अरेस्ट

आयातक को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। यह डीआरआई, मुंबई जोनल यूनिट द्वारा पिछले 10 दिनों में 198 किलोग्राम मेथामफेटिमाइन और 9 किलोग्राम कोकीन से लेकर 16 किलोग्राम हेरोइन तक की बड़ी दवाओं की बरामदगी के सिलसिले की एक कड़ी है.


गुजरात में भी ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तानी बोट पकड़ाई

इसी दौरान बता दें कि गुजरात एटीएस की ओर से भी एक बड़ी कार्रवाई की गई है. इस कार्रवाई में पाकिस्तानी तस्करों की एक बोट पकड़ी गई है. इसमें से 50 किलो हेरोइन जब्त की गई है. इसकी अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में कीमत 350 करोड़ है. भारतीय तटरक्षक दलों को जवानों और एटीएस की टीम की संयुक्त कार्रवाई में यह कामयाबी मिली है. बोट पर अल तस्कर लिखा हुआ था. इस बोट में कुल 6 लोग सवार थे. इन सबको पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है. आगे की जांच के लिए इस बोट को जखाऊ नाम के इलाके में ले आया गया है.

Lorem ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry.