Monday, 17 October 2022

कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए महाराष्ट्र में मतदान जारी, 797 पार्टी प्रतिनिधि डालेंगे वोट

कांग्रेस (Congress) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए सोमवार को चुनाव हो रहे हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) और लोकसभा सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) में से एक को निर्वाचित करने के लिए महाराष्ट्र (Maharashtra) के 797 पार्टी प्रतिनिधि सोमवार को मतदान कर रहे हैं. मताधिकार का इस्तेमाल करने वाले पार्टी के इन 797 प्रतिनिधियों में से 561 महाराष्ट्र प्रदेश इकाई के हैं, जबकि 236 मुंबई इकाई के हैं.


महाराष्ट्र इकाई के प्रतिनिधि तिलक भवन में मतदान कर रहे हैं, जहां सबसे पुरानी पार्टी की राज्य इकाई का मुख्यालय है, जबकि मुंबई के प्रतिनिधि शहर इकाई के कार्यालय में मतदान कर रहे हैं. पार्टी अध्यक्ष के पद के लिए मतदान सुबह 10 बजे से हो रहा है, जो शाम चार बजे तक जारी रहेगा. कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मतदान के लिए तीन मतदान केंद्र बनाये गए हैं. इससे पहले कांग्रेस के प्रदेश निर्वाचन रिटर्निंग अधिकारी पल्लम राजू, नरेंद्र रावत और कृष्णा पूनिया मत पेटियों के साथ मुंबई पहुंच चुकी थीं.


19 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे परिणाम

प्रतिनिधियों को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से बारकोड लगा परिचय पत्र दिया गया. साथ ही बयान में कहा गया कि बार कोड लगा पहचान पत्र, मतदाता कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक पासबुक जैसे किसी अन्य पहचान प्रमाण को मतदान से पहले प्रदर्शित करना आवश्यक होगा. इसके अलावा पल्लम राजू ने सभी प्रतिनिधियों से निर्वाचन प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की. गौरतलब है कि चुनाव परिणाम 19 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे. देश भर में प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के नौ हजार से अधिक प्रतिनिधि पार्टी अध्यक्ष के चुनाव के लिए 65 मतदान केंद्रों पर गुप्त मतदान करेंगे. पार्टी के 137 साल के इतिहास में यह छठा मौका है, जब अध्यक्ष पद का चुनाव हो रहा है.


कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए साल 2000 में हुआ था अंतिम बार चुनाव

गांधी परिवार के साथ निकटता के कारण मल्लिकार्जुन खड़गे को पसंदीदा माना जा रहा है और उन्हें वरिष्ठ नेताओं का समर्थन है. शशि थरूर ने खुद को बदलाव के लिए बतौर उम्मीदवार पेश किया है. चुनाव प्रचार के दौरान शशि थरूर ने भले ही समान अवसर नहीं मिलने के मुद्दे उठाये हों, लेकिन दोनों उम्मीदवारों और पार्टी नेताओं ने यह माना है कि गांधी परिवार तटस्थ है और कोई आधिकारिक उम्मीदवार नहीं है. पार्टी के शीर्ष पद के लिए आखिरी चुनावी मुकाबला साल 2000 में हुआ था, जब जितेंद्र प्रसाद को सोनिया गांधी के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था. 

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