Wednesday, 12 October 2022

Mumbai : 4 साल से ''भारतीय'' बनकर मुंबई में रह रहे थे 8 बांग्लादेशी, कोर्ट ने सुनाई कड़ी सजा


मुंबई: भारत में अवैध रूप से रहने वाले घुसपैठियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत के लगभग हर राज्य में आए दिन फर्जी रूप से भारत का नागरिक बनकर रहने वाले घुसपैठियों को पुलिस अपनी कार्रवाई में पकड़ती रहती है।


अब ताजा मामला देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से आया है। जहां फर्जी रूप से पिछले 4 सालों से मुंबई में रहने वाले 8 बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस ने पकड़ा था। अब मुंबई की एक कोर्ट ने इन बांग्लादेशियों को सजा सुनाई है।


साल 2018 से रह रहे थे मुंबई में

खबर के मुताबिक पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक साल 2018 से मुंबई में डेरा जमाए हुए थे। एंटी टेर्रररिज्म स्कवेड ऑफ महाराष्ट्र पुलिस ने कोर्ट में बताया कि आठ बांग्लादेशी साल 2018 से मुंबई के सुबरबन कांडिवली में रह रहे थे। टीम ने कार्रवाई करते हुए इन्हें पकड़ा था।


एंटी टेर्रररिज्म स्कवेड ऑफ महाराष्ट्र पुलिस ने कोर्ट को यह भी बताया कि इनमें से कई नागरिकों का वीजा था लेकिन वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी यह लोग मुंबई में रह रहे थे। वहीं इनमें से कुछ बांग्लादेशियों पर फर्जी रूप से दस्तावेज बनाने के तहत भी पुलिस ने केस दर्ज किया है।


कोर्ट ने सुनाई 4 साल की सजा

एंटी टेर्रररिज्म स्कवेड ऑफ महाराष्ट्र पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए बांग्लादेशियों को एडिशनल सेशन जज एए जोगलेकर की कोर्ट ने फर्जी रूप से भारत में रहने का दोषी पाया। कोर्ट ने आरोपियों को 4 साल कारावास की कड़ी सजा सुनाई है। आरोपियों के नाम करीम शेख, अपन शेख, सोहेल शेख, मासूम शेख, सुजन शेख, शरिफुल शेख, तुहैल रहमान शेख और रिदोई राजो शेख हैं।


एंटी टेर्रररिज्म स्कवेड ऑफ महाराष्ट्र पुलिस ने मुंबई में अपने अभियान को और तेज कर दिया है। मालूम हो कि मुंबई और पश्चिम बंगाल समुद्री सीमा से लगे हुए हैं। ऐसे में यहां आए दिन फर्जी रूप से भारत में रहने वाले कई बांग्लादेशियों को पुलिस अपनी कार्रवाई में पकड़ती रहती है। इससे पहले भी कई बांग्लादेश नागरिक अलग अलग कार्रवाई में पकड़े गए हैं। 


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