Tuesday, 18 October 2022

Maharashtra : महाराष्ट्र पंचायत चुनाव रिजल्ट पर भिड़े BJP और MVA, शिंदे और उद्धव गुट दोनों बोले- हम नंबर 1


मुंबई: ग्राम पंचायतों के चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़े जाते, फिर भी नेता अपनी पार्टी जीत का दावा करते हैं। महाराष्ट्र के 8 जिलों की 1,079 ग्राम पंचायतों के चुनाव नतीजों को लेकर ऐसा ही हुआ। राज्य में सत्तारूढ़ गठजोड़ और विपक्ष ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है। मतगणना के बाद बीजेपी ने सबसे बड़ा दल होने का दावा किया है। उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अभी तक आए 889 ग्राम पंचायतों के नतीजों के अनुसार बीजेपी ने सबसे अधिक 397 में जीत हासिल की है, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बालासाहेबांची शिवसेना को 81 ग्राम पंचायतों में विजय मिली है। वहीं एमवीए अपनी बड़ी जीत का दावा कर रही है।


एनसीपी अध्यक्ष जयंत पाटील ने कहा कि शुरूआती जानकारी के अनुसार एनसीपी सबसे आगे है। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि ग्राम पंचायत चुनावों में कांग्रेस के विचार वाले उम्मीदवारों ने कई जगहों पर जीत हासिल की है।


एमवीए ने 478 पर जीत का किया दावा

दोनों ने मिलकर 478 ग्राम पंचायतों पर कब्जा किया है। अशोक चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस, एनसीपी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने मिलकर 299 ग्राम पंचायतों में जीत हासिल की है। कई ग्राम पंचायतों में निर्दलीयों को जीत मिली है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सत्तारूढ़ दल ने 500 से अधिक ग्राम पंचायतों में जीत दर्ज की है।


राज्य भर के 17 जिलों में 1,165 ग्राम पंचायतों के चुनाव परिणाम के बाद उद्धव ठाकरे की शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस का धड़ा मतलब महा विकास अघाड़ी एक तरफ है। वहीं भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला शिवसेना का धड़ा दूसरी तरफ है। 30 जून, 2022 को शिंदे के सीएम के रूप में पदभार संभालने के बाद से ग्रामीण निकायों के लिए ये पहला चुनाव है।


फडणवीस ने कहा पीएमका असर

भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सबसे अधिक ग्राम पंचायतों पर नियंत्रण हासिल करने के लिए पार्टी भाजपा कार्यकर्ताओं को बधाई दी। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले ने दावा किया कि यह एमवीए था जिसने सबसे अधिक ग्राम पंचायतों पर कब्जा किया। पटोले ने कहा, 'भाजपा के दावे भ्रामक हैं, वे हमेशा अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों पर जीत का दावा करते हैं। कांग्रेस का प्रदर्शन प्रभावशाली था। अतीत में भी, उसने भाजपा की तुलना में अधिक ग्राम पंचायतों में जीत हासिल की थी।'


बीजेपी और शिंदे गुट का दावा

भाजपा के जारी आंकड़ों के अनुसार, 1,141 ग्राम पंचायतों में, 946 में परिणाम घोषित किए गए हैं, भाजपा ने 397 में, शिवसेना के शिंदे ने 81, ठाकरे के गुट ने 87, कांग्रेस ने 104, एनसी और सीपीआई 57, निर्दलीय 95 और अन्य ने 17 में जीत हासिल की है। शिवसेना के ठाकरे गुट ने दावा किया है कि एमवीए ने 781 पंचायतों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है, जबकि भाजपा और शिंदे गुट ने 361 और अन्य ने 23 पर जीत हासिल की है। एनसीपी ने दावा किया है कि उसने 287, बीजेपी ने 264, कांग्रेस ने 251, ठाकरे ने 243 और शिंदे ने 97 पर जीत हासिल की है।


'ठाणे की 80 पर्सेंट सीट पर जीत'

फडणवीस ने कहा, 'भाजपा का दबदबा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लोगों के विश्वास को दर्शाता है। लोगों ने एकनाथ शिंदे और मेरे नेतृत्व वाली नई सरकार में विश्वास जताया है, हमने मिलकर 478 ग्राम पंचायतों पर नियंत्रण हासिल किया है। हम एमवीए की संयुक्त ताकत से आगे हैं।' ठाकरे के एक प्रवक्ता ने कहा कि कोंकण क्षेत्र में पार्टी ने प्रभावशाली लाभ कमाया जबकि शिंदे गुट का सफाया हो गया। शिंदे गुट ने दावा किया कि उसने ठाणे जिले में 80% सीटें जीती हैं। ठाणे जिला मुख्यमंत्री शिंदे का गृहनगर है।


अधिकारियों ने नकारे दावे

भाजपा और शिंदे गुट ने दावा किया कि उन्होंने जिले में 121 ग्राम पंचायतों में जीत हासिल की है (शिंदे गुट 63, भाजपा 58) जबकि ठाकरे के नेतृत्व वाली सेना और एमवीए ने केवल 28 ग्राम पंचायतों में जीत हासिल की है। एक वरिष्ठ नौकरशाह ने कहा कि पार्टियों के किए गए दावों में कोई दम नहीं है क्योंकि चुनाव राजनीतिक दलों से संबद्धता के आधार पर नहीं लड़े जाते हैं।

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