Wednesday, 19 October 2022

उद्धव ठाकरे ने इकट्ठा की अकूत दौलत, बॉम्बे HC में दायर याचिका पर आज सुनवाई, ED या CBI से जांच करवाने की मांग

मुंबई: अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव (Andheri East By Election) का रण भले ही उद्धव ठाकरे ने जीत लिया हो। बावजूद इसके उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दरअसल बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) में उद्धव ठाकरे परिवार के खिलाफ एक याचिका दायर की गई है। जिसमें उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, तेजस ठाकरे, रश्मि ठाकरे को पार्टी बनाया गया है। इस याचिका में कहा गया है कि ठाकरे परिवार ने अकूत दौलत इकट्ठा की है, जिसकी जांच होना जरूरी है। यह याचिका गौरी भिड़े की तरफ से कुछ महीने पहले दायर की गई थी। बुधवार ( आज) को इस याचिका पर सुनवाई होनी है।


इस याचिका में मांग की गई है कि उद्धव ठाकरे और उनके परिवार द्वारा अर्जित की गई बेहिसाब दौलत की जांच ईडी (ED) या सीबीआई (CBI) द्वारा करवाई जानी चाहिए। याचिका में यह सवाल भी उठाया गया है कि उद्धव ठाकरे, रश्मि ठाकरे और आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) आखिर क्या करते हैं यह कभी स्पष्ट ही नहीं हुआ है। ऐसे में यह बात भी जनता के सामने आनी चाहिए।


बीजेपी पर वार

विधायक रमेश लटके के निधन के कारण खाली हुई अंधेरी पूर्व सीट के लिए ऋतुजा लटके की उम्मीदवारी की घोषणा उद्धव ठाकरे ने की थी। ऋतुजा लटके की उम्मीदवारी की घोषणा के बाद यह चुनाव निर्विरोध हो, यह जनता की भी इच्छा थी। हालांकि, जनसमर्थन न होने के बाद भी बीजेपी ने इस चुनाव में मूरजी पटेल को मैदान में उतारा। बीजेपी यहीं नहीं रुकी उसने परेशान करने के लिए ऋतुजा लटके का बीएमसी से इस्तीफा मंजूर न हो और वह अपना नामांकन पत्र न भर पाएं, इसके लिए भी साजिश रची। लटके के इस्तीफे को मंजूरी दिलाने के लिए हमें अदालत तक जाना पड़ा।


इतना ही नहीं मूरजी पटेल अपने चुनाव प्रचार में भी जुट चुके थे। लेकिन जब उन्हें महसूस हुआ कि चुनाव क्षेत्र के मतदाता शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे की उम्मीदवार ऋतुजा लटके को जिताने के पक्ष में हैं। तब उन्होंने शर्मिंदगी से बचने के लिए अपना नामांकन पत्र वापस लिया और बीजेपी मैदान से भाग गई।

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