Wednesday, 12 October 2022

संजय राउत की जेल से मां को चिट्ठी:कहा- शिवाजी दूसरे घरों में ही क्यों पैदा हो, गुलामी से बेहतर जेल की जिंदगी

पात्रा चॉल स्कैम में जेल बंद शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने 4 पन्नों की चिट्ठी अपनी मां को लिखी है। चिट्ठी में ED की रेड से लेकर सरकार गिराने तक का जिक्र किया गया है। राउत की यह चिट्ठी ऐसे वक्त में आई है, जब शिवसेना का पुराना सिंबल तीर-कमान फ्रीज कर दिया गया है।


राउत ने लिखा है- वीर शिवाजी दूसरों के घर में ही क्यों जन्म ले। शिवसेना को बचाने के लिए मुझे लड़ना ही होगा। मैं गुलामी की जिंदगी नहीं जी सकता था, इसलिए जेल की जिंदगी स्वीकार किया। पढ़िए 4 पन्नों की चिट्ठी में राउत ने क्या लिखा है...


प्रिय मां,

जय महाराष्ट्र !

अभी-अभी ED की रिमांड खत्म हुई, बाहर बैठकर पत्र लिख रहा हूं। ED के अधिकारी जब रेड के दौरान घर में घुसे, तब तुम बालासाहेब की तस्वीर के नीचे मजबूती से बैठी रही। मसाले, नमक और आटे समेत किचन के हर डिब्बे की अधिकारियों ने तलाशी ली, तब भी तुम कुछ नहीं बोली और चुप रही।


उस शाम को जब मुझे गिरफ्तार कर ले जाया जा रहा था, तब तुमने मुझे गले लगाया और जल्दी आना कह कर खिड़की से बाय बोली। ठीक उसी तरह जैसे मैं सामना का दफ्तर जा रहा हूं। मगर, इस बार मैं जल्दी नहीं आ पाया।


ये एक बड़ी लड़ाई है। लड़ाई ऐसी ही होती है, सैनिक भी सीमा पर डटे हैं। कुछ तो वापस भी नही आते। महाराष्ट्र और देश की आत्मा को कोई ऐसे कैसे मार सकता है? वीर शिवाजी दूसरों के घर में ही क्यूं जन्म ले। शिवसेना को बचाने के लिए मुझे लड़ना ही होगा। मै भी महाराष्ट्र के और शिवसेना के दुश्मनों के आगे झुकूंगा नही, जल्दी ही वापस आऊंगा।


पूरे देश और महाराष्ट्र के लोगों को पता है मुझ पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। झूठे बयान दर्ज करवाए गए हैं। अप्रत्यक्ष तरीके से मुझे ठाकरे का साथ छोड़ने के लिए कहा गया। उद्धव ठाकरे मेरे जिगरी दोस्त और शिवसेना के सेनापती हैं। अगर ऐसे समय में मैं उनका साथ छोड़ता तो बालासाहेब को क्या मुंह दिखलाता?


शिवसेना की सीख मुझे तुमसे ही मिली है। बालासाहेब के प्रति कभी बेईमानी नही करना, ये तूने ही मुझे सिखाया है, तो मैं फिर उद्धव के साथ कैसे गद्दारी कर देता? इनकम टैक्स और न जाने किस-किस के डर से शिवसेना विधायक-सांसद पार्टी छोड़ गए। मगर, मैंने शिवसेना नहीं छोड़ने की ठान ली है।


रही बात जुल्म की तो इसी तरह का जुल्म तिलक और सावरकर पर भी अंग्रेजों के द्वारा किया गया। नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को भी इसी तरह तकलीफ दी जा रही है। परदे के पीछे बहुत खेल चल रहा है, लेकिन मैं तुम्हें बता रहा हूं कि इसी तकलीफ और जुल्म से क्रांती पैदा होगी। नई स्वतंत्रता का जश्न मनाया जाएगा।


और अंत में,

जैसे तुम मेरी मां हो। उसी तरह शिवसेना हम सब की मां है। मैं मां के साथ गद्दारी नहीं कर सका, इसलिए तुमसे दूर हूं। फिक्र मत करना, जल्द ही लौटूंगा। तब तक उद्धव ठाकरे और सारे शिवसैनिक तेरे बच्चे रहेंगे, उनका ख्याल रखना

तुम्हारा

-संजय


31 जुलाई से जेल में बंद हैं राउत, 17 अक्टूबर तक राहत नहीं

ED ने 31 जुलाई को राउत को अरेस्ट किया था, जिसके बाद से ही राउत जेल में बंद हैं। उनकी जमानत याचिका पर 17 अक्टूबर को अगली सुनवाई होनी है। राउत को PMLA एक्ट के तहत जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया था।

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