Monday, 10 October 2022

संजय राउत को नहीं मिली जमानत, 17 अक्टूबर तक जेल में रहेंगे, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई थी गिरफ्तारी


मुंबई: शिवसेना (Shivsena) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) की न्यायिक हिरासत को आगामी 17 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया है। इससे पहले उन्हें 4 अक्टूबर को मुंबई (Mumbai) की एक विशेष अदालत में पेश किया गया था। तब उनकी हिरासत को 10 अक्टूबर तक बढ़ाया गया था। संजय राउत को प्रवर्तन निदेशालय ने 1 अगस्त के दिन मुंबई के गोरेगांव वेस्ट इलाके में मौजूद पात्रा चॉल रीडिवेलपमेंट (Patra Chawl Scam) मामले में हुए कथित घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया था। बता दें कि ईडी के अधिकारियों ने 31 जुलाई को संजय राउत के घर पर छापेमारी की थी और कई घंटों तक हिरासत में रखने और पूछताछ के बाद उन्हें अरेस्ट किया गया था।


इस मौके पर संजय राउत ने कहा कि नया चुनाव चिन्ह पार्टी के लिए नई क्रांति ला सकता है। उन्होंने कहा कि अंधेरी पूर्व विधानसभा चुनाव के पहले शिवसेना नाम और धनुष- बाण निशान को चुनाव आयोग द्वारा फ्रीज किए जाने का मामला बेहद गलत है।हालांकि, चुनाव आयोग को फैसले लेने का अधिकार है। संजय राउत ने कहा कि चुनाव चिन्ह को फ्रीज करना है एक राजनीतिक दल के जीवन में होता रहता है। कांग्रेस के साथ भी ऐसा तीन बार हो चुका है। जनता पार्टी के साथ भी हुआ था। राउत ने कहा कि हो सकता है कि नया चुनाव चिन्ह पार्टी के लिए नई क्रांति और नया सूरज लेकर आए।


पात्रा चॉल स्कैम क्या है?

पात्रा चॉल जमीन घोटाले की शुरुआत 2007 से हुई। महाराष्ट्र हाउसिंग एंड डिवलपमेंट अथॉरिटी यानी म्हाडा (MHADA), प्रवीण राउत, गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन और हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) की मिली भगत से यह घोटाला होने का आरोप है। 2007 में म्हाडा ने पात्रा चॉल के रिडिवेलपमेंट का काम गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को दिया। यह कंस्ट्रक्शन गोरेगांव के सिद्धार्थ नगर में होना था। म्हाडा की 47 एकड़ जमीन में कुल 672 घर बने हैं। रीडिवेलपमेंट के बाद गुरु आशीष कंपनी को साढ़े तीन हजार से ज्यादा फ्लैट बनाकर देने थे। म्हाडा के लिए फ्लैट्स बनाने के बाद बची हुई जमीन को प्राइवेट डिवलपर्स को बेचना था। 14 साल के बाद भी कंपनी ने लोगों को फ्लैट बनाकर नहीं दिए।


संजय राउत का क्या कनेक्शन?

आरोप है कि गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने फ्लैट बनाने की बजाए 47 एकड़ जमीन को आठ अलग-अलग बिल्डरों को बेच दी। इससे कंपनी ने 1034 करोड़ रुपये कमाए। मार्च 2018 में म्हाडा ने गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। मामला आर्थिक अपराध विंग को दिया गया। ईओडब्ल्यू ने फरवरी 2020 में प्रवीण राउत को गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि प्रवीण राउत, संजय राउत का करीबी है। वह एचडीआईएल में सारंग वधावन और राकेश वधावन के साथ कंपनी में निदेशक था। वधावन बंधु PMC बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। प्रवीण राउत को कोर्ट ने जमानत दे दी लेकिन पीएमसी बैंक घोटाले के मामले में प्रवीण को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया।

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