Monday, 10 October 2022

Mumbai : राहुल गांधी के वीर सावरकर को लेकर दिए बयान पर हंगामा, घाटकोपर में बीजेपी ने किया जोरदार प्रदर्शन, शिवसेना को भी बनाया निशाना


Mumbai : कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के वीर सावरकर को लेकर दिए गए बयान के खिलाफ मुंबई में बीजेपी (BJP) ने प्रदर्शन किया है। बीजेपी विधायक राम कदम की अगुवाई में घाटकोपर में हुए इस प्रदर्शन में शिवसेना (Shiv Sena) को भी निशाना बनाया गया है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के पोस्टर फाड़े हैं और बालासाहेब ठाकरे की एक पुरानी तस्वीर लगाई है, जिसमें वह मणिशंकर अय्यर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। बता दें कि राहुल गांधी ने शनिवार को कहा था कि कांग्रेस और उसके नेताओं ने आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। मेरी समझ में आरएसएस अंग्रेजों की मदद कर रहा था और सावरकर (Savarkar) को अंग्रेजों से स्टाइपेंड मिल रहा था।


वहीं मुंबई में हुए बीजेपी (BJP) के प्रदर्शन के दौरान उद्धव ठाकरे की तस्वीर पर काली पट्टी बांधी गई है और यह दिखाने की कोशिश की गई है कि उद्धव ठाकरे कलयुग के धृतराष्ट्र हैं। प्रदर्शन के दौरान शशि थरूर के पोस्टर पर जवाब दो लिखा गया है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी के विरोध में नारेबाजी भी की है।


राम कदम ने बातचीत में कही ये बात

आंदोलन के दौरान राम कदम ने इंडिया टीवी से कहा कि हमने सुना है कि बारामती में पटाखे फूटे और दिवाली के पहले ही दिवाली मनाई गई। इसमें क्या सच्चाई है और अगर  बारामती में दिवाली मनाई जाती है और पटाखे फोड़े जाते हैं तो बारामती की बरसों से जो मंशा थी और जो सपना था वह पूरा हुआ है। ये बताया जाए कि किस कारण वहां दिवाली मनाई जा रही थी?


राम कदम ने कहा कि इसे ही कहते हैं दोस्ती की नौटंकी और दोस्ती के नाटक की आड़ में पीठ में खंजर घोपना। उद्धव ठाकरे की भाषा में कहा जाए तो इसे ही गद्दारी कहते हैं। स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे एक अजरा अमर बात है, उन्होंने कहा था कि उनका दल कभी भी कांग्रेस और कांग्रेसी विचारधारा के साथ समझौता नहीं करेगा और कभी भी वह हिंदुत्व नहीं छोड़ेंगे। अगर यही बात को ठाकरे सुनते तो आज बारामती में जो पटाखे फोड़े जा रहे हैं, दिवाली मनाई जा रही है, शायद इतिहास के पन्नों में ऐसा नहीं होता।


बालासाहेब ठाकरे की बात को भूले उद्धव: राम कदम

राम कदम ने कहा कि स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे की बात को उद्धव ठाकरे सत्ता के लालच में भूल गए। अगर वह इस बात को याद रखते तो उनका दल कभी कांग्रेस के साथ समझौता नहीं करता। बालासाहेब ठाकरे ने कहा था कि दल अगर कांग्रेस के साथ समझौता करता है तो दल बंद कर दूंगा लेकिन हिंदुओं के साथ समझौता नहीं करूंगा। लेकिन यहां तो कांग्रेस और शरद पवार के चक्कर में उद्धव ठाकरे ने खुद ही अपने पांव पर कुल्हाड़ी मारी।


राम कदम ने कहा कि अगर वह कार्यकर्ताओं का सम्मान करते, नेताओं को आदर देते, आलीशान बंगले में बैठक छोड़कर गरीबों के बीच जाकर उनकी सेवा करते तो शायद आज इतिहास के पन्नों में जो आया है कि बारामती के लोग दिवाली मना रहे हैं, ऐसा नहीं होता। 

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