Monday, 31 October 2022

फसल नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम को बुलाएगी महाराष्ट्र सरकार


महाराष्ट्र में भारी बारिश से फसलों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है.ऐसे में किसानों को अभी तक मुआवजा भी नहीं मिल पाया हैं.वहीं राज्य के के कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार औरंगाबाद जिले दौरे पर हैं. सत्तार ने बातया की कल केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पुणे जिले के दौरे पर आएंगे. और उन्हें राज्य में भारी बारिश की जानकारी दी जाएगी. आगे सत्तार ने कहा कि वो केंद्र से मांग करेंगे की राज्य में हुए नुकसान का निरीक्षण करने के लिए एक केंद्रीय टीम आए और मुआवजे के लिए केंद्र से किसानों को मदद मिले. साथ ही उन्होंने कहा कि वह केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर से भी मांग करेंगे कि फसल बीमा को लेकर दमनकारी शर्तों को कम किया जाए.


मीडिया से बात करते हुए कृषि मंत्री ने आगे कहा कि सरकार पर आरोप लगाया जा रहा है कि क्षतिग्रस्त इलाकों में कई जगहों पर पंचनामा नहीं किया गया. लेकिन जल्दी ही पंचनामा हो जाएगा.और कोई भी किसान मुआवजे से वंचित नही रहेगा.सत्तार ने यह भी कहा कि पूरे पंचनामा की समीक्षा के बाद सहायता राशि देने के संबंध में रिपोर्ट मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को पेश की जाएगी.


मंत्री ने किसानों की दिया था आश्वासन

कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार कुछ दिन पहले मराठवाड़ा दौरा किया था. वहाँ पर उन्होंने ने नुकसान हुए फसलों का निरीक्षण किया और उन्होंने किसानों को भरोसा दिया की जल्द ही किसानों मुआवजा मिलेगा, और अगर जरूरत पड़ी तो वो केंद्र से मदद मांगेंगे. मंत्री जिला अधिकारियों को पंचनामा करने का आदेश भी दिया था. लेकिन वही कुछ किसानों का कहना है कि अभी पंचनामा तक नहीं हुआ है ऐसे में मुआवजा कब मिलेगा.रबी की बुवाई के लिए हमें कर्ज़ लेना पड़ रहा है.


मराठवाड़ा में भारी बारिश से कितने हेक्टेयर एरिया में फसल को हुआ नुकसान

मराठवाड़ा के कई जिलों में भारी बारिश से फसलों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. जून से अगस्त तक हुई भारी बारिश से मराठवाड़ा में 12 लाख 49 हजार 731 हेक्टेयर भूमि को नुकसान पहुंचा है. किसान उस दर्द से उभरे भी नही थे कि सितंबर-अक्टूबर में बार-बार हुई भारी बारिश से बची हुई फसलों को भी नुकसान पहुंचा है. सितंबर-अक्टूबर महीने में मराठवाड़ा में 17 लाख हेक्टेयर एरिया में फसल को नुकसान हुआ है.इससे 28 लाख 76 हजार 816 किसान प्रभावित हुए हैं.किसान अभी तक मुआवजे का इंतज़ार कर रहे है.


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