Monday, 31 October 2022

MUMBAI : आस्था का महापर्व छठ पूजा का आज हुआ समापन

पटना से लेकर मुंबई तक, आस्था के महापर्व पर भक्तों ने किया सूर्य को नमन


मुंबई : छठ पूजा के तीसरे दिन भक्तों ने पानी में खड़े होकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया और इस दौरान देश की राजधानी से लेकर बिहार,झारखंड को मुंबई तक में लोगों ने भगवान सूर्य से परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना की। छठ पूजा में डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का विशेष महत्व बताया गया है। आज उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर इसका समापन हुआ । सूर्योदय सुबह 6 बजकर 27 मिनट पर होगा। मुंबई में छठ पूजा का कार्यक्रम 28 से 31 अक्टूबर के बीच 81 जगहों पर मनाया गया। मुंबई के गिरगांव,जुहू चाैपाटी,गोराई, पवई,मुलुंड, ठाणे, कल्याण, उल्हासनगर, बदलापुर,मीरा भायंदर, नालासोपारा सहित विभिन्न जगहों पर छठ पर्व धूमधाम से मनाया गया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ठाणे में आयोजित छठ के पर्व में शामिल हुए जबकि उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जुहू और कुर्ला में छठ महापर्व में हिस्सा लिया। युवा सेना के प्रमुख ने ट्वीट कर आस्था के इस महापर्व पर सभी को शुभकामनाएं दी।


गौरतलब है कि आस्था का महापर्व छठ पूजा शुक्रवार से शुरू हुआ और 28 अक्टूबर 2022 को पहले दिन नहाय खाय, 29 अक्टूबर 2022 को दूसरे दिन खरना, 30 अक्टूबर 2022 तीसरे दिन सूर्यास्त को अर्घ्य और 31 अक्टूबर 2022 को चौथे दिन सूर्योदय को जल चढ़ाकर समाप्त हुआ।


छठ महापर्व में लोगों के साथ-साथ पुलिस ने भी तैयारी पहले से ही शुरू कर दी थी। पुलिस ने छठ महापर्व पर घाटों की सुरक्षा को लेकर तैयारी की थी। मुंबई पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटिल ने बताया कि मुंबई में छठ पूजा का कार्यक्रम 28 से 31 अक्टूबर के बीच 81 जगहों पर होने वाला है। 30 को रविवार होने की वजह से मुंबई में काफी भीड़ होने की संभावना को देखते हुए खासतौर से जुहू-चौपाटी इलाके में जिसके लिए हमने पर्याप्त बंदोबस्त किया था। ट्रैफिक में भी बदलाव किया गया। आज सुबह भी यह व्यवस्था लागू रही।


बता दें कि 31 अक्टूबर को हाई टाइड भी है, इसलिए सुरक्षा को देखते हुए लाइफ गार्ड लगाया। छठ पूजा के दिन महिलाओं की भीड़ को देखते हुए और उनकी सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी और अधिकारियों को तैनात किया गया। बता दें कि चार दिन चलने वाले इस छठ महापर्व व्रर्ती 36 घंटे का निर्जला व्रत रखा था। महिलाओं को कोई परेशानी न हो इसके लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका घाटों पर लाइट आदि की व्यवस्था की है। प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी कैमरे को भी लगाया।


36 घंटे का होता है निर्जल उपवास

नहाय-खाय के दौरान व्रती अरवा चावल, चने की दाल, कद्दू की सब्जी और धनिया के पत्ते की चटनी का भोग लगाते हैं। सूर्य उपासना के इस पावन पर्व पर नहाय-खाय के अगले दिन यानी शनिवार को व्रतियों द्वारा निर्जला उपवास रखकर खरना किया गया। खरना में दूध, अरवा चावल और गुड़ से बनी खीर एवं रोटी का भोग लगाया जाता है। खरना के बाद व्रतियों का 36 घंटों का निर्जला उपावास शुरू हुआ, जो 30 अक्टूबर की शाम को अस्ताचलगामी सूर्य और 31 अक्टूबर को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पारण के साथ पूरा हो गया।

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