Tuesday, 27 September 2022

जमानत के बावजूद जेल में फंसे कैदियों को सरकार आर्थिक मदद देकर निकालेगी बाहर, ये है पूरा मामला

 


Maharashtra News
: महाराष्ट्र सरकार ने उन 1,641 कैदियों को कानूनी और वित्तीय मदद देने का फैसला किया है, जो जमानत मिलने के बावजूद सहायता के अभाव में जेल में बंद हैं. इससे सरकार को जेलों में भीड़ कम करने में भी मदद मिलेगी. उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को मंत्रालय में गृह विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद यह घोषणा की. फडणवीस, जो गृह विभाग के भी प्रमुख हैं, ने कहा कि साइबर सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा, जबकि अगले दो वर्षों में 20,000 पुलिस कर्मियों की भर्ती की जाएगी.

फडणवीस ने कही ये अन्य बातें

उन्होंने कहा कि “राज्य ने 2019 में 5,297 कांस्टेबलों की भर्ती की, और अन्य 7,231 कर्मियों को नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है. इसके अलावा, दिसंबर 2021 तक सेवानिवृत्त हुए लोगों को बदलने के लिए 10,000 कांस्टेबलों की भर्ती की जाएगी. इस संबंध में एक प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट के सामने रखा जाएगा.” गृह विभाग को मुंबई में सीसीटीवी कैमरे लगाने का दूसरा चरण एक महीने के भीतर पूरा करने को भी कहा गया है. फडणवीस ने कहा कि राज्य चल रहे नवरात्रि उत्सव में डांडिया की अनुमति को तीन दिनों के लिए मध्यरात्रि तक बढ़ाने पर विचार कर रहा है. उन्होंने कहा कि “समय सीमा को दो दिनों के लिए रात 10 बजे से आधी रात तक बढ़ा दिया गया है. हम एक और दिन की छूट जोड़ने पर विचार कर रहे हैं और प्रस्ताव को मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास भेजा जाएगा."

इस फैसले को रद्द करने की तैयारी में शिंदे सरकार

बता दें कि महाराष्ट्र मंत्रिमंडल द्वारा पिछली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार द्वारा राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालय अधिनियम 2016 में पेश किए गए संशोधन को वापस लेने की संभावना है, जो राज्यपाल की शक्तियों को कम करता है और राज्य सरकार को कुलपति के पद पर नामों की सिफारिश करने का अधिकार देता है. विधायिका के 2021 के शीतकालीन सत्र में पारित संशोधन ने राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री को विश्वविद्यालयों के प्रो-चांसलर के रूप में भी नियुक्त किया.

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