Thursday, 15 September 2022

वेदांता परियोजना महाराष्ट्र में थी कब? आशीष शेलार ने मुख्यमंत्री शिंदे से की जांच की मांग

वेदांता और फॉक्सकॉन मामले को लेकर महाराष्ट्र में सियासी माहौल गरमा गया है। इस बीच, भाजपा नेता और मुंबई अध्यक्ष आशीष शेलार ने 15 सितंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस ली। उन्होंने इसमें परियोजना को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।


शेलार ने यह कहा..

मुंबई भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि महाराष्ट्र में वेदांता परियोजना को लेकर राजनीति हो रही है। जो बयान दिए जा रहे हैं, उनमें पेंगुइन आर्मी के जरिए महाराष्ट्र के लोगों के मन में भ्रम फैला रहे हैं। इसलिए इसकी जांच जरूरी है। शिवसेना के मुखपत्र सामना ने 15 सितंबर को परियोजना के गुजरात में स्थानांतिरत किए जाने पर शिंदे सरकार की आलोचना की। लेकिन जब यह परियोजना महाराष्ट्र में थी, तो महाविकास आघाड़ी सरकार ने इस परियोजना को अनुमति नहीं दी। पेंगुइन आर्मी के प्रमुख को इसका जवाब देना चाहिए। मुंबई के अध्यक्ष आशीष शेलार ने आदित्य ठाकरे पर आरोप लगाया कि पेंगुइन सेना के माध्यम से महाराष्ट्र में भ्रम फैलाने का काम किया जा रहा है।


उन्होंने आगे कहा कि वेदांत परियोजना को गुजरात में स्थानांतरित कर दिया गया। इसका मतलब है कि यह परियोजना महाराष्ट्र में थी। तो जब यह परियोजना महाराष्ट्र में थी, तो क्या महाराष्ट्र सरकार ने इस परियोजना को सभी तरह की अनुमति और रियायतें दीं?  जब समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे तो क्या परियोजना के लिए जगह दी गई थी? ऐसे कई सवाल शेलार ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए।


शेलार की मुख्यमंत्री से मांग

इस समय प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाविकास आघाड़ी सरकार और आदित्य ठाकरे पर कई आरोप लगाए गए। इसके अलावा शेलार ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मामले की जांच कराने की मांग की है। शेलार ने कहा कि अब हम झूठ बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर पेंगुइन आर्मी मेरे द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब नहीं देगी तो मैं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मांग करता हूं कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

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