Tuesday, 27 September 2022

महाराष्‍ट्र पुलिस को है इस जोड़े की तलाश, घरवालों को जहर देकर लाखों के जेवरात लूट हुए रफूचक्‍कर


महाराष्‍ट्र (Maharashtra) के नालासोपारा शहर (Nalasopara) की पुलिस को एक ऐसे जोड़े की तलाश है जिन्‍होंने एक वकील और उनकी पत्‍नी को जहर देकर उनके घर से 12 लाख रुपये के जेवरात लेकर रफूचक्‍कर हो गए। इसके बाद दोनों पीड़ितों को आइसीयू में भर्ती कराना पड़ा, जहां दो दिनों के बाद उन्‍हें होश आया। बता दें कि वकील के परिवार ने शख्‍स को अपने यहां रखवाली के काम पर रखा था और महिला खाना बनाने का काम करती थी। 

भेलोरिया हाउस में ऐसे हुई लक्ष्‍मी और मानबहादुर की नियुक्ति

बता दें कि शिकायतकर्ता ब्रजेश भेलोरिया (Brajesh Bhelloriya) और उनकी पत्‍नी डाली सिंह (Dolly Singh) का घर नालासोपारा पश्चिम में कलम बीच के पास राजौड़ी में हैं। इनके घर का नाम भेलोरिया हाउस (Bhelloriya House) है। इनके घर पर पहले एक कुक था, जो काफी लंबे समय से इनके यहां खाना पकाने का काम करता था, लेकिन अभी हाल ही में वह अपने गांव चला गया। उसके जाने के बाद इन्‍होंने दूसरे कुक की तलाश की। इस दौरान वहीं के एक रियल एस्‍टेट बिजनेसमैन (Real Estate Businessman) ने इन्‍हें लक्ष्‍मी का नंबर दिया। भेलोरिया परिवार ने लक्ष्‍मी (Laxmi) को अपने यहां बतौर कुक रख लिया। लक्ष्‍मी घर में खाना पकाती थी और उसके पति मानबहादुर (Manbahadur) को घर की रखवाली की जिम्‍मेदारी दी गई थी।

रोटी-सब्‍जी के साथ मिलाया जहर

मिड डे से मिली जानकारी के अनुसार घर के मालिक ब्रजेश ने बताया, 'हमने सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए उनसे आइडी कार्ड और फोटो लेकर रखा था। हमने उन्‍हें 5 अगस्‍त से काम पर रखा था।' दोनों काफी मेहनत से काम करते थे। दोनों ने अपने रवैये से घर के मालिक का विश्‍वास जीत लिया था। ब्रजेश ने बताया, 5 सितंबर की रात को लक्ष्‍मी ने हमें खाने में तोरई की सब्‍जी, रोटी और सलाद परोसा। इससे पहले, 4 सितंबर को दोनों ने यह कहते हुए अपनी पगार मांगी थी कि उन्‍हें अपने गांव में पैसे भेजने हैं। दोनों की पगार 10,000 रुपये थे। 

खाना खाने के बाद ऐसी हो गई थी हालत

रात को खाना खत्‍म करने के बाद ब्रजेश और उनकी पत्‍नी के सिर में दर्द होने लगा और बाद में दोनों बेहोश हो गए। ब्रजेश ने बताया, 'लक्ष्‍मी और उसके पति मानबहादुर ने उनकी आलमारी तोड़कर 12 लाख रुपये के जेवरात लूटकर फरार हो गए हैं।' ब्रजेश ने बताया कि जब अगले दिन कई दफा फोन करने के बावजूद किसी का जवाब नहीं आया, तो उनके पिता ने अपने किसी पहचान वाले को घर पर उनकी खबर लेने के लिए भेजा।' इसके बाद दोनों पति-पत्‍नी को आइसीयू में एडमिट कराया गया। यहां दो दिन बाद इन्‍हें होश आया।

पुलिस को है फरार जोड़े की तलाश

पुलिस ने कहा है कि मानबहादुर के पहचान पत्र से मालूम पड़ता है कि वह नेपाल का रहने वाला है, जबकि लक्ष्‍मी ने भेलोरिया परिवार को अपने आधार कार्ड की कापी दी थी। पुलिस इस वक्‍त यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है ये दस्‍तावेज वाकई में असली हैं या फर्जी। 

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