Wednesday, 28 September 2022

‘पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा बर्दाश्त नहीं’, PFI पर बैन का CM शिंदे ने किया स्वागत

हफ्ते भर से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के देश भर के अलग-अलग ठिकानों पर केंद्रीय जांच एजेंसियों की छापेमारियों के बाद केंद्रीय गृहमंत्रालय द्वारा इस संगठन पर पांच सालों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है. पीएफआई को गैरकानूनी संस्था घोषित किए जाने के बाद देश भर से इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस फैसले का स्वागत किया है. मुंबई के बीजेपी विधायक राम कदम और नेता किरीट सोमैया ने भी पीएफआई पर बैन के फैसले का स्वागत किया है.


सीएम एकनाथ शिंदे ने आज (28 सितंबर, बुधवार) नासिक में मीडिया से अपने संवाद में कहा, ‘मैंने पहले भी कहा है कि पाकिस्तान जिंदाबाद की भाषा बोलने वालों के लिए इस देश में और महाराष्ट्र में कोई जगह नहीं है. ऐसे देश विरोधी कामों में शामिल लोगों को बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जो भी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाया जाएगा, उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगा. केंद्र सरकार ने पीएफआई पर जो बंदी लगाई है, हम उसका स्वागत करते हैं.’सीएम शिंदे आज एक दिन के नासिक दौरे पर आए थे,


PFI का आतंकी संगठनों से लिंक सामने आया, इसलिए बैन लगाया

पीएफआई पर बैन लगाने का फैसला आज सुबह ही जाहिर किया गया. केंद्रीय गृहमंत्रालय के मुताबिक पीएफआई के स्थापक सदस्यों में से कुछ लोग स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया यानी ‘सिमी’ के सदस्य रह चुके हैं. पीएफआई का जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) संगठन से भी लिंक होने की जानकारी सामने आई है. ये दोनों ही प्रतिबंधित आतंकी संगठन हैं.


BJP से आई प्रतिक्रिया, मुंबई से विधायक राम कदम ने भी स्वागत किया

पीएफआई पर पांच सालों की पाबंदी का मुंबई से बीजेपी विधायक रामकदम ने भी स्वागत किया है. राम कदम ने कहा है, ‘इस मुल्क में आतंकवाद की कोई जगह नहीं है…उसे बढ़ावा देने वाले और हमारे नौजवानों को गुमराह करने वालों पर प्रतिबंध आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बदले हुए नए भारत के सशक्त चेहरे को दर्शाता है.’ राम कदम ने इस मामले में एक ट्वीट किया है.


PFI से जुड़े संगठनों का भी बोरिया-बिस्तर बंद, उन पर भी प्रतिबंध

पीएफआई के अलावा इससे जुड़े अन्य संगठनों पर भी पांच सालों के लिए प्रतिबंध लगाया गया है. इन संगठनों में रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैंपंस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कॉनफ्रडेशन ऑफ ह्यूमन राइट ऑर्गनाइजेशन, नेशनल वूमन्स फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पॉवर इंडिया फाउंडेशन ऐंड रिहैब फाउंडेशन (केरल) शामिल हैं.

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