Saturday, 17 September 2022

FBI का वान्टेड अमेरिकी नागरिक आगरा में गिरफ्तार, इंटरपोल ने जारी किया था रेड कॉर्नर नोटिस

आगरा: अमेरिकी एजेंसी एफबीआई के वांछित रत्नेश भूटानी को शुक्रवार की रात को आगरा के संजय प्लेस से मेरठ की एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ यौन हिंसा के मामले में अमेरिका में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। जिसके बाद वहां से भाग कर मुंबई आ गया, यहां फिल्म प्रोड्यूसर बन गया। एक फिल्म बना अपने भाई को लांच किया। आरोपित के रत्नेश के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कार्नर नोटिस जारी किया था। इंटरपोल ने इस वर्ष जुलाई में सीबीआई से उसे गिरफ्तार कर प्रत्यर्पण करने में मदद मांगी थी।


मेरठ एसटीएफ के अधीक्षक कुलदीप नारायण ने अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में आरोपित रत्नेश भूटानी की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई थी। छानबीन के दौरान एसटीएफ मेरठ को पता चला कि अमेरिकी एजेंसी एफबीआइ से वांछित रत्नेश भूटानी शुक्रवार आगरा में मौजूद थे। टीम ने आरोपित को संजय प्लेस स्थित केनरा बैंक मंडलीय कार्यालय परिसर से गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ को पूछताछ में आरोपित रत्नेश भूटानी ने बताया कि वह मूलरूप से गाजियाबाद के थाना मोदी नगर के गोविंदपुरी का रहने वाला है।


वह वर्ष 1996-97 में कैंसर लैब में काम करने कैलीफोर्निया अमेरिका गया था। वहां पर उसके चाचा रहते हैं। कुछ समय बाद अमेरिकी लड़की से शादी कर ली। जिस पर वहां की नागरिकता मिल गई। वहां पर अपने खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने पर मुंबई भाग आया। रत्नेश ने एसटीएफ को बताया कि मुंबई में उसने केशव फिल्मस के नाम से फिल्म प्रोड्यूसिंग कंपनी बना ली। अपने भाई को एक फिल्म बनाकर लांच किया। वह मेरठ, आगरा और गुरुग्राम आदि जगहों पर छिपकर रह रहा था।


अपने विरुद्ध रेड कार्नर नोटिस जारी होने के बाद से वह काफी सतर्क हो गया था। मुंबई से आने के बाद उसने मेरठ में अमलतास होटल एवं रिसोर्ट का काम शुरू कर दिया। जिसे कुछ साल बाद उसने साहिबाबाद के रहने वाले सभरवाल को लीज पर दे दिया। लाकडाउन के दौरान उसका सभरवाल से विवाद हो गया था। अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि एफबीआइ के आग्रह पर वांछित रत्नेश भूटानी के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कार्नर नोटिस जारी हुआ था। आरोपित को सीबीआइ द्वारा दिल्ली की मदद प्रत्यर्पण न्यायालय पटियाला कोर्ट दिल्ली में प्रस्तुत किया गया था। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। 


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