Tuesday, 13 September 2022

मुंबई के ऑटो-टैक्सी चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

मुंबई में सिटी टैक्सी यूनियनों ने इस सप्ताह अनिश्चितकालीन टैक्सी और ऑटोरिक्शा हड़ताल का आह्वान किया है। इससे शहर में आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।


मुंबई में सिटी-टैक्सी यूनियनों ने किराया बढ़ाने की मांग की है और 15 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। उन्होंने अपनी हालिया आवेदन में 10 रुपये बढ़ाने की मांग की है। अगर सरकार की तरफ से ये मांग मान ली जाती है तो ऐसे में लोगों की जेब पर ज़्यादा बोझ पड़ सकता है।


मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुंबई टैक्सीमेन यूनियन के महासचिव एएल क्वाद्रोस ने कहा कि, “सरकार द्वारा सीएनजी दरों में केवल 6 रूपये कम करने से हमें कोई मदद नहीं मिल रही है क्योंकि सीएनजी की क़ीमतों में 30 रुपये से अधिक की वृद्धि हुई है। हर दिन, टैक्सी और रिक्शा चालकों को 250 रुपये से लेकर 300 रुपये तक का नुक़सान हो रहा है क्योंकि किराए और सीएनजी की क़ीमतें एक दूसरे से मेल नहीं खाती हैं। हमने न्यूनतम किराए में 35 रुपये तक संशोधन की मांग की थी।"


हालांकि मीटर वाली टैक्सियों का न्यूनतम किराया वर्तमान में 25 रुपये है और यूनियन ने मांग की है कि इस किराए को संशोधित कर 35 रुपये किया जाना चाहिए।


पिछले कुछ महीनों में सीएनजी की क़ीमतों में लगभग 70% की वृद्धि हुई है लेकिन किराए पहले वाले ही हैं। इससे ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए गुज़ारा करना मुश्किल हो गया है।


इससे पहले, इन यूनियनों ने 1 अगस्त को हड़ताल का आह्वान किया था। हालांकि, सरकार द्वारा किराए में संशोधन के आश्वासन के बाद इसको टाल दिया गया था।


अगस्त महीने में महानगर गैस ने सरकार से घरेलू स्तर पर उत्पादन किए गए प्राकृतिक गैस के आवंटन में वृद्धि के बाद रसोई ईंधन पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और ऑटोमोबाइल ईंधन कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की क़ीमतों में कटौती की थी।


एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पीएनजी की क़ीमत 4 रुपये प्रति मानक घन मीटर से घटाकर 48.50 रुपये प्रति एससीएम कर दी गई है जबकि सीएनजी की क़ीमत 6 रुपये प्रति किलोग्राम घटाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम कर दी गई है।


महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) ने कहा कि दरों में संशोधन के बाद सीएनजी के उपयोग से वाहन मालिक को वित्तीय राजधानी में ईंधन लागत पर 48 प्रतिशत की बचत करने में मदद मिलेगी।


पीएनजी इस्तेमाल करने वालों की बात करें तो सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले वैकल्पिक ईंधन एलपीजी की तुलना में ये बचत 18 प्रतिशत होगी।


मुंबई टैक्सी-ऑटो यूनियनों का कहना है कि मार्च 2021 में अंतिम किराया संशोधन किया गया था। इसके बाद से ईंधन की क़ीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई लेकिन किराया में कोई वृद्धि नहीं हुई है।


बता दें कि मुंबई में क़रीब 48,000 टैक्सी चालक हैं और क़रीब दो लाख ऑटो रिक्शा चालक हैं।


 

Lorem ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry.