Saturday, 17 September 2022

मुंबई में दिखेगा सिडनी हार्बर का नजारा, बीएमसी ने बनाई सौंदर्यीकरण की योजना

मुंबई: जल्द ही मुंबई (Mumbai) में पर्यटकों को सिडनी हार्बर (Sydney Harbour) का नजारा दिखाने की योजना बीएमसी ने बनाई है। बीएमसी (BMC) मुंबई में समुद्र तटों पर लेजर शो प्लान कर रही है। इसकी शुरुआत मरीन ड्राइव से होगी। मुंबई के समुद्र तट भी विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। मुंबई को शंघाई बनाने का सपना कब पूरा होगा, यह कोई नहीं जानता, लेकिन बीएमसी ने 2023 के अंत तक महानगर के सौंदर्यीकरण की योजना बनाई है। बीएमसी कमिश्नर आईएस चहल (BMC Commissioner IS Chahal) ने कहा कि मुंबई की सभी सड़कों, पुल, फुटपाथ, उद्यान, समुद्र के किनारों की स्वच्छता, कलरिंग और लाइटिंग कर इनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। चहल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन परियोजनाओं के 50 प्रतिशत काम को दिसंबर, 2022 तक पूरा करें।


- बारिश के कारण मुंबई की सड़कों के गड्ढों को भरने का काम किया जा रहा है। बरसात का मौसम समाप्त होते ही सड़कों की री-सर्फेसिंग व मरम्मत का कार्य किया जाए, कंक्रीटिंग को छोड़कर शेष सड़कों का पुनर्निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए। जिससे यातायात सुचारू और सुरक्षित रूप से चलता रहे। सभी सड़कों पर जेब्रा क्रॉसिंग को इस तरह से रंगा जाना चाहिए कि वे स्पष्ट रूप से दिखाई दें।


- सभी वॉर्ड अपनी-अपनी सीमा में गार्डन डिपार्टमेंट की मदद से रोड डिवाइडर के बीच खुली जगह में सजावटी फूल और हरियाली लगाएं। इससे वातावरण में धूल और प्रदूषण को रोकने में मदद मिलेगी।


- प्रत्येक जोन में कम से कम 15 किमी लंबे फुटपाथों का सुधार एवं सौंदर्यीकरण किया जाए। इसमें क्वॉलिटी फुटपाथ बनाने के लिए अतिरिक्त जगह में स्टैंप्ड कंक्रीट, आकर्षक लाइटिंग शामिल होना चाहिए।


- फुटपाथों और सड़कों के सुधार में आधुनिक, आकर्षक, टिकाऊ स्ट्रीट फर्नीचर भी शामिल होना चाहिए। विशेष रूप से फुटपाथों पर जहां भी संभव हो, ऐसी सीटें बनाई जाए जो नई और कलात्मक हो और एरिया की सुंदरता को बढ़ाती हो।


- प्रमुख सड़कों पर स्ट्रीट लाइटों का सौंदर्यीकरण और बिजली के खंभों के लिए लाइटिंग योजना बनाई जाए। चहल ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मुंबई में जहां भी अनधिकृत केबल, हवा में लटकते और टूटे पाए जाएं उन्हें तुरंत हटाया जाए।


- महत्वपूर्ण पुलों का चयन कर उन्हें अच्छी तरह से रंगा जाए और लाइटिंग की जाए। फ्लाईओवर के नीचे खाली जगह से अनावश्यक चीजें हटा कर साफ किया जाए, जिससे वहां स्थानीय लोग इंजॉय कर सकें, बच्चे खेल सकें और सीनियर सिटिजन टहल सकें।


- मुंबई में स्काइवॉक का उपयोग ज्यादा से ज्यादा आम नागरिक करें। विशेष रूप से रात में, इसके लिए स्काईवॉक पर साफ-सफाई, पेंटिंग और बिजली का काम किया जाना चाहिए। लाइटिंग से काफी फायदा होगा।


- प्रत्येक जोन को कम से कम 10 ट्रैफिक आइलैंड (यातायात द्वीप) का चयन करना चाहिए और उनका सुशोभीकरण किया जाना चाहिए। साथ ही यहां वृक्षारोपण, फूल, फाउंटेन लगाए जाएं और लाइटिंग की व्यवस्था की जाए।


- मुंबई के समुद्र तटों पर लाइटिंग की व्यवस्था करके आकर्षक बनाए की योजना है। अलग-अलग कला कृतियों के जरिए समुद्र तटों को यथासंभव स्वच्छ रखा जाएगा।


- मुंबई के पार्कों में शाम को और देर रात लोग सुरक्षित आ-जा सकें, इसके लिए वहां पर्याप्त मात्रा में लाइटिंग की व्यवस्था की जाए। पार्कों में फुटपाथ पर लाइटिंग और पानी के लिए फाउंटेन बनाए जाएं। साथ ही ग्लो गार्डन भी बनाए जाएं जो पर्यटकों और बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकें।


- मुंबई में पारंपरिक होर्डिंग की बजाए डिजिटल होर्डिंग लगाए जाएं। सभी पारंपरिक होर्डिंग को अगले 6 महीने में चरणबद्ध तरीके से डिजिटल किया जाए। महत्वपूर्ण सड़कों, मुख्य रूप से वेस्टर्न एक्सप्रेस-वे और ईस्टर्न एक्सप्रेस-वे पर लगे सभी होर्डिंगों को शत-प्रतिशत डिजिटल बनाया जाना चाहिए।


- डिजिटल होर्डिंग को कम समय में बदला जा सकता है और यह अधिक आकर्षक और लाभदायक है। इसके लिए जल्द ही नई विज्ञापन रणनीति तैयार की जाए।


- मुंबई के किलों का संवर्धन और संरक्षण किया जाए। किलों को बिजली से रोशन किया जाना चाहिए, इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।


- विश्व प्रसिद्ध गेटवे ऑफ इंडिया क्षेत्र का सौंदर्यीकरण करने की योजना बनाई जाए।


- मुंबई में अब तक जापानी मियावाकी पद्धति से लगभग चार लाख पेड़ लगाए जा चुके हैं। इसी तरह और एक लाख पेड़ लगाए जाने की योजना है।


दीवारों पर पेंटिंग और सौंदर्यीकरण हो

- मुंबई में फुटपाथ, डिवाइडर, दीवारों, रोड बोर्ड, साउंडप्रूफिंग, स्वीट फर्नीचर, पुलों के हिस्सों आदि की सफाई के लिए मशीनों का उपयोग किया जाए। ऐसा करने से धूल की मात्रा कम होगी और वायु की गुणवत्ता में सुधार करने, क्षेत्र की सुन्दरता बढ़ाने में मदद मिलेगी। सार्वजनिक स्थानों विशेषकर स्लम में कचरा उठाने के लिए डिब्बों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।


- मुंबई की स्लम एरिया में नागरिकों के लिए सुविधा केंद्र बनाए जाएं। स्वच्छ एवं दुर्गंध रहित शौचालय, गर्म एवं ठंडे पानी की सुविधा वाले स्नानागार, स्वच्छ पेयजल और सौर ऊर्जा से लैश केंद्रों का निर्माण किया जाए।


- मुंबई के महत्वपूर्ण और प्रमुख हिस्सों में सार्वजनिक दीवारों का कलात्मक तरीके से पेंटिंग और सौंदर्यीकरण किया जाना चाहिए। प्रत्येक वार्ड में कम से कम 10 से 12 दीवारों को पेंट किया जाना चाहिए।


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