Saturday, 3 September 2022

ठाकरे की शिवसेना ने BJP को कहा ‘कमलाबाई’, जवाब मिला- बची-कुची पेंग्विन सेना, कहो कैसे याद आई

महाराष्ट्र में शिवसेना और बीजेपी के बीच तू-तू मैं-मैं का सिलसिला खत्म ही नहीं हो रहा है. शिंदे गुट के साथ जब से बीजेपी ने सरकार बनाई है, तबसे उद्धव गुट की शिवसेना बीजेपी पर कुछ ज्यादा ही आक्रामक होती हुई नजर आई है. शिवसेना के मुखपत्र सामना में बीजेपी पर हमले पहले से कहीं ज्यादा तेज हैं. बीजेपी भी हर बात का करारा जवाब देने के मूड में है. बीेएमसी का चुनाव करीब है, तब तक यह बढ़ता ही जाएगा. मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष आशीष शेलार ने अब ठाकरे की शिवसेना को ‘बची-कुची पेंग्विन सेना’ कहा है.


उद्धव गुट की शिवसेना कोई मौका नहीं छोड़ती है बीजेपी को उकसाने में और बीजेपी भी पीछे नहीं रहती हर बार मुंहतोड़ जवाब दे जाने में. शिवसेना ने बीजेपी के चुनाव चिन्ह कमल को लेकर छींटाकशी कर नए विवाद की शुरुआत कर दी है. शिवसेना की ओर से बीजेपी के चुनाव चिन्ह कमल की खिल्ली उड़ाई गई है. शिवसेना ने बीजेपी को ‘कमलाबाई’ कह कर संबोधित किया है. इससे शिवसेना और बीजेपी के बीच तू-तू मैं-मैं का एक नया दौर शुरू हो गया है. आशीष शेलार ने शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे को एक ओपन लेटर लिख कर इसका जवाब दिया है.


‘ठाकरे गुट की शिवसेना को बची-कुची पेंग्विन सेना बोलूं क्या?’

आशीष शेलार ने अपने ट्वीटर अकाउंट से एक ट्वीट किया है. इस ट्वीट में उन्होंने उद्धव ठाकरे को लिखा अपना ओपन लेटर शेयर किया है. इसमें शिवसेना द्वारा बीजेपी को ‘कमलाबाई’ कहे जाने की बात का करारा जवाब दिया है. शेलार ने लिखा है, ‘ श्री उद्धव ठाकरे जी, संपादक सामना…महोदय आपने हमारे कमल को हीन दिखाने के लिए ‘बाई’ कह कर संबोधित किया है? लेकिन बाई का मतलब आई, ताई और लक्ष्मी भी है. तो फिर क्या हम आपकी बची-कुची पार्टी को ‘पेंग्विन सेना’ कहें? ऐसे कड़क मुंबईकर शब्द हमारे पास भी कम नहीं हैं.’


…यूं हुआ पेंग्विन का ज़िक्र तो आदित्य ठाकरे की याद आई

बता दें कि केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे और बीजेपी विधायक नितेश राणे आदित्य ठाकरे को कभी ‘म्याऊं-म्याऊं’ तो कभी ‘पेंग्विन’ कह कर चिढ़ाते आए हैं. आशीष शेलार ने पेंग्विन शब्द इसलिए भी इस्तेमाल किया है क्योंकि 2016 में दक्षिण कोरिया से लाए गए पेंग्विन पर कोविड के दौर में बीएमसी करोड़ों रुपए खर्च कर रही थी. तीन सालों के लिए 7 पेंग्विन की देखभाल के लिए बीएमसी ने 15 करोड़ खर्च करने का टेंडर जारी किया था. इसकी विपक्ष की ओर से काफी आलोचनाएं हुई थीं.


उद्धव ठाकरे को इतनी भी इज्जत नहीं बख्शी कि…

आशीष शेलार ने अपने इस ओपन लेटर में उद्धव ठाकरे को इतनी भी इज्जत नहीं दी है कि उन्हें ‘शिवसेना पार्टी प्रमुख’ कहें. आशीष शेलार ने उद्धव ठाकरे को ‘सामना संपादक’ कह कर संबोधित किया है. वैसे भी बीजेपी का मानना यही है कि असली शिवसेना तो शिंदे सेना ही है.

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