Friday, 2 September 2022

महाराष्ट्र में फिर उठ सकता है राजनीतिक तूफान, कांग्रेस के बड़े नेता BJP के संपर्क में, अशोक चव्हाण फडणवीस से मिले

शिवसेना में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ सीएम एकनाथ शिंदे गुट की बगावत के बाद एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में तूफान आने वाला है. महाराष्ट्र कांग्रेस से बड़ी खबर सामने आ रही है. पूर्व में मुख्यमंत्री रह चुके अशोक चव्हाण और डिप्टी सीएम और बीजेपी के कद्दावर नेता देवेंद्र फडणवीस के बीच एक खास ठिकाने पर गोपनीय रूप से मुलाकात हुई है. यह मुलाकात 15 से 20 मिनट के करीब हुई है. ना सिर्फ अशोक चव्हाण बल्कि कांग्रेस के कुछ और विधायक भी बीजेपी के संपर्क में बताए जा रहे हैं.


कहा जा रहा है कि अक्टूबर में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में वे शिंदे सरकार में शामिल हो सकते हैं और इन्हें मंत्री पद दिया जा सकता है. अभी तक फडणवीस की ओर से मुलाकात के बारे में अधिकृत रूप से कुछ नहीं बताया गया है लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर है कि कल (1 सितंबर, गुरुवार) शाम गणेश उत्सव के बहाने दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मामलों को लेकर चर्चाएं हुई हैं. यह मुलाकात बीजेपी समन्वयक आशीष कुलकर्णी के घर हुई.


अमित शाह के मुंबई दौरे से पहले राज्य की राजनीति में तूफान!

इस बीच अशोक चव्हाण की इस मुलाकात को लेकर सफाई भी सामने आ गई है. उन्होंने मुलाकात से तो इनकार नहीं किया है लेकिन यह कहा है कि उनके और फडणवीस के बीच कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई है. बता दें कि 5 सितंबर को केंद्रीय गृहमंत्री मुंबई दौरे पर आ रहे हैं. इस दौरे में वे लालबाग के राजा के दर्शन के साथ ही मुंबई महानगरपालिका के चुनावी मिशन की शुरुआत करेंगे. उनके बाद 15-16 सितंबर को बीजेपी अध्यक्ष जे.पी.नड्डा का मुंबई दौरा होने वाला है. इन सबसे पहले अशोक चव्हाण का देवेंद्र फडणवीस से अचानक खास जगह में जाकर मिलना चर्चाओं के बजार को गरम कर गया है.


अशोक चव्हाण से पहले असलम शेख फडणवीस से मिल आए

बता दें कि कुछ दिनों पहले महा विकास आघाड़ी सरकार में मंत्री रहे कांग्रेसी नेता असलम शेख भी बीजेपी नेता मोहित कंबोज के साथ देवेंद्र फडणवीस से मिलने उनके सागर बंगले गए थे. लेकिन इसके बाद यह बात निकल कर आई कि बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने उन पर मालाड के मालवाणी इलाके में मड में अवैध फिल्म स्टूडियो बनाने का आरोप लगाया है, वे इस संबंध में सफाई देने गए थे.


कांग्रेस नेताओं की शिंदे-फडणवीस को मिलती रही है मदद

पिछले कई ऐसे मौके आए हैं जिनसे यह साफ होता है कि कांग्रेस के कुछ नेता बीजेपी और शिंदे गुट को सपोर्ट करते रहे हैं. राज्यसभा और विधान परिषद के चुनावों में क्रॉस वोटिंग की बातें सामने आईं. इस बारे में छह कांग्रेसी नेताओं द्वारा पार्टी लाइन से हट कर वोट किया गया, जिनसे बीजेपी उम्मीदवार की जीत हुई. इस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग उठाई गई. लेकिन कांग्रेस ने शिवेसना में हुई शिंदे गुट की बगावत को देखते हुए अपनी पार्टी में संभावित विस्फोट की आशंकाओं के डर से इसे नजरअंदाज किया. फ्लोर टेस्ट के दौरान भी अशोक चव्हाण सदन में लेट पहुंचे और वोटिंग में भाग नहीं ले सके. बहुमत जीतने के बाद फडणवीस ने उन्हें गैरहाजिर रहने के लिए धन्यवाद भी दिया था.


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