Tuesday, 6 September 2022

एलजी ने ‘आप’ नेताओं को भेजा लीगल नोटिस, फेक न्यूज फैलाकर छवि खराब करने का लगाया आरोप

नई दिल्ली : दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कथित झूठे आरोप लगाने के मामले में संजय सिंह, आतिशी और दुर्गेश पाठक समेत आम आदमी पार्टी (आप) कई नेताओं को लीगल नोटिस भेजा है। आप नेताओं को इस पर अगले 48 घंटे में जवाब देने को कहा गया है। जानकारी के अनुसार, उपराज्यपाल ने ‘आप’ विधायकों व नेताओं को लीगल नोटिस भेजा है। एलजी की ओर से इस नोटिस में ‘आप’ नेताओं के ऊपर फेक न्यूज फैलाने और उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया है। वकील वाणी दीक्षित की तरफ से नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस में ‘आप’ नेता संजय सिंह, आतिशी, दुर्गेश पाठक, सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह और जैस्मीन शाह समेत अन्य के नाम शामिल हैं। ‘आप’ नेताओं ने विनय कुमार सक्सेना के खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कथित रूप से प्रतिबंधित नोटों को बदलने का आरोप लगाया था। ‘आप’ विधायक दुर्गेश पाठक ने विधानसभा में आरोप लगाया था कि एलजी सक्सेना ने 2016 में अपने कर्मचारियों पर 1400 करोड़ रूपये के पुराने नोट बदलने के लिए दबाव डाला था।


इसके साथ ही, ‘आप’ ने शनिवार को एक और नया आरोप लगाया था कि दिल्ली के उपराज्यपाल सक्सेना ने केवीआईएस के अध्यक्ष पद पर रहते हुए अपने पद का दुरूपयोग किया और एक खादी लाउंज की इंटीरियर डिजाइनिंग का ठेका अपनी बेटी शिवांगी सक्सेना को दिया था। आप ने इसे सक्सेना द्वारा ‘नैतिक भ्रष्टाचार’ का मामला बताते हुए दावा किया कि अगर उनकी बेटी शिवांगी को इंटीरियर डिजाइनिंग का ठेका दिए जाने संबंधी मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाती है, तो इसमें एक वित्तीय पहलू भी सामने आएगा। हालांकि, उपराज्यपाल सचिवालय ने आरोपों से इनकार किया है और कहा कि सक्सेना की बेटी ने मुफ्त में काम किया था। ‘आप’ ने प्रधानमंत्री मोदी से सक्सेना को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की थी।


उपराज्यपाल सक्सेना ने शुक्रवार को ‘आप’ के नेताओं पर मुंबई में केवीआईसी लाउंज के विकास पर भ्रामक आंकड़े पेश करने का आरोप लगाया था। उपराज्यपाल सचिवालय ने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया, खादी ग्रामोद्योग आयोग ने एक पत्र जारी किया है जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उसके मुंबई स्थित लाउंज की परियोजना की कुल लागत 27.3 लाख रूपये थी और एक राजनीतिक पार्टी द्वारा दिए गए आंकड़े गलत हैं।


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